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500 वर्ग मीटर जमीन के लिए फायर एनओसी लेना जरूरी

आए दिन कभी सील की गई फैक्ट्री में आग लग जाती है तो कभी एसी फटने या शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है।
नोएडा की फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं

अमर सैनी
नोएडा।नोएडा की फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आए दिन कभी सील की गई फैक्ट्री में आग लग जाती है तो कभी एसी फटने या शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है। जिससे कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान होता है। साथ ही किसी कर्मचारी की जान भी जा सकती है। इससे बचने के लिए दमकल विभाग ने गुरुवार दोपहर कारोबारियों के साथ बैठक की। उन्हें आग से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही उनकी समस्याएं भी जानी गईं।

इस बैठक में नोएडा के औद्योगिक संगठन नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन ने हिस्सा लिया। एनईए के अध्यक्ष और दमकल विभाग के सीएफओ ने मिलकर उद्यमियों को आग से होने वाले नुकसान से बचने के तरीके बताए। सीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी 250 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भवनों और प्लॉटों के लिए फायर एनओसी की जरूरत नहीं होती थी, अब यह अवधि बढ़ाकर 500 वर्ग मीटर कर दी गई है।उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों और कॉम्प्लेक्स में लगे फायर उपकरणों को जेनरेटर से जोड़ा जाना चाहिए। ताकि आग लगने की दुर्घटना होने पर बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद भी इन उपकरणों का उपयोग किया जा सके। फैक्ट्री की ऊपरी मंजिल पर किसी भी कर्मचारी को रात में रुकने या आराम करने की अनुमति न दें। अक्सर देखने में आता है कि फैक्ट्री में सेट बैक एरिया ढका हुआ होता है। ऐसी स्थिति में सेट बैक में पर्याप्त जगह होने पर ही एनओसी जारी की जाएगी। ताकि आग लगने के दौरान आने-जाने में असुविधा न हो। सामान को बेसमेंट में इस तरह रखें कि वेंटिलेटर के जरिए आसानी से पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। यूनिट बंद होने पर एमसीबी और मेन स्विच को बंद कर दें, ताकि शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके। इस मौके पर विभाग की ओर से उद्यमियों को कई उपयोगी जानकारियां दी गईं।

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