Yamuna Floodplain: यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बने हजारों अवैध फार्म हाउसों पर चलेगा बुलडोजर, प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी

Yamuna Floodplain: यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बने हजारों अवैध फार्म हाउसों पर चलेगा बुलडोजर, प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी
नोएडा। यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित किए गए हजारों फार्म हाउसों और अन्य स्थायी निर्माणों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ऐसे सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार यमुना और हिंडन नदी का डूब क्षेत्र नोटिफाइड एरिया के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद पिछले कई वर्षों से यहां बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। नियमों को दरकिनार करते हुए फार्म हाउस, पक्के मकान, रिसॉर्टनुमा ढांचे, विवाह समारोह स्थलों और यहां तक कि स्विमिंग पूल तक विकसित कर दिए गए हैं। सीईओ कृष्णा करुणेश ने एसीईओ सतीश पाल को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में चार से पांच दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत डूब क्षेत्र में बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। जिन फार्म हाउसों में पक्का निर्माण किया गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि डूब क्षेत्र में निर्माण गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य में बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियों के दौरान गंभीर खतरा भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र में स्थायी निर्माण होने से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है और आपदा की स्थिति में जान-माल का नुकसान बढ़ सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित की जा रही है। अभियान के दौरान चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए आवश्यक मशीनरी और पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार सीईओ ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती गई या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अवैध फार्म हाउसों का तेजी से विस्तार हुआ है। कई स्थानों पर कृषि भूमि और डूब क्षेत्र की जमीन पर बड़े-बड़े फार्म हाउस विकसित कर दिए गए हैं, जहां व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। प्राधिकरण का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध निर्माणों की संख्या और बढ़ सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि यमुना के साथ-साथ हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में भी व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सभी अवैध निर्माणों की सूची तैयार की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। प्राधिकरण का उद्देश्य डूब क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करना और नदी क्षेत्र की मूल स्थिति को सुरक्षित रखना है।
प्राधिकरण की इस प्रस्तावित कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे नदी क्षेत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में जरूरी कार्रवाई बताया है।