Viksit Bharat 2047: युवा शक्ति रखेगी विकसित भारत की नींव, संसद के केंद्रीय कक्ष में गूंजा लोकतंत्र का संदेश
Viksit Bharat 2047: युवा शक्ति रखेगी विकसित भारत की नींव, संसद के केंद्रीय कक्ष में गूंजा लोकतंत्र का संदेश
नई दिल्ली। संसद भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष (संविधान सदन) में आयोजित विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट-2026 का बुधवार को भव्य समापन हुआ। देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 105 युवा प्रतिभागियों ने दो दिनों तक संसदीय कार्यवाही की तर्ज पर बहस, प्रश्नकाल और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर लोकतंत्र की सशक्त झलक प्रस्तुत की।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री Raksha Khadse ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में बदलाव के सक्रिय भागीदार भी हैं।
रक्षा खडसे ने कहा कि यूथ पार्लियामेंट जैसे कार्यक्रम युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात कर देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने विभिन्न राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया और संसदीय प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें नीति निर्माण तथा सार्वजनिक जीवन के प्रति प्रेरित करना था।
समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। दिल्ली की रिया पांडे को सर्वश्रेष्ठ उद्घाटन वक्ता का पुरस्कार दिया गया। हरियाणा की अपूर्वा शर्मा को सर्वश्रेष्ठ प्रश्न पूछने के लिए सम्मानित किया गया, जबकि नागालैंड के केपोजो कपुह को सर्वश्रेष्ठ उत्तरदाता का पुरस्कार मिला। दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के साईं चिराग कुमार को सर्वश्रेष्ठ लघु चर्चा के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं ने संसद के केंद्रीय कक्ष में लोकतांत्रिक संवाद और विचार-विमर्श की परंपरा को जीवंत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन युवाओं में नेतृत्व, संवाद कौशल और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की युवा शक्ति ही भविष्य के भारत को नई दिशा और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।


