Cyber Fraud: निवेश का झांसा देकर दो लोगों से 43 लाख रुपये की ठगी, शेयर मार्केट के नाम पर साइबर अपराधियों ने बनाया शिकार

Cyber Fraud: निवेश का झांसा देकर दो लोगों से 43 लाख रुपये की ठगी, शेयर मार्केट के नाम पर साइबर अपराधियों ने बनाया शिकार
नोएडा, 10 जुलाई: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर दो लोगों से करीब 43 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर अपराधियों ने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पहले पीड़ितों का भरोसा जीता, फिर अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये निवेश के नाम पर अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पहले मामले में सेक्टर-22 निवासी विजय शर्मा, जो एक निजी कंपनी में प्रबंधक हैं, साइबर ठगों के निशाने पर आ गए। विजय ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला, जिसमें खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का दावा किया। इसके बाद उनका नंबर एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां अन्य लोगों को निवेश से लाभ मिलने के फर्जी स्क्रीनशॉट और संदेश साझा किए जाते थे।
शुरुआत में ठगों ने विजय शर्मा से छोटी रकम निवेश कराई और उन्हें मामूली मुनाफा भी दिखाया, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 29.40 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी पूरी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो कोई भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
दूसरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी विपिन गुप्ता का है, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि अगस्त 2025 में उनके व्हाट्सएप पर वंशिका गिल नाम से एक महिला का संदेश आया। बातचीत के बाद उनका नंबर एक कथित शेयर निवेश समूह में जोड़ दिया गया, जहां लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
विपिन ने भी शुरुआत में कम राशि निवेश की, जिस पर उन्हें लाभ दिखाया गया और कुछ रकम उनके बैंक खाते में वापस भी भेजी गई। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने 29 अगस्त 2025 तक नौ अलग-अलग किस्तों में करीब 13.58 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में जब उन्होंने मुनाफे सहित पूरी राशि निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग शुरू कर दी। पैसे देने से इनकार करने पर उनका खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई और फिर सभी आरोपियों ने संपर्क समाप्त कर दिया।
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। वहीं साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और बिना सत्यापन के किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को बचाने का प्रयास किया जा सके।





