उत्तर प्रदेश, नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो का मुद्दा,संसद में गूंजा
उत्तर प्रदेश, नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो का मुद्दा,संसद में गूंजा

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। दिल्ली-एनसीआर और यूपी के मुख्य शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर से कनेक्ट हैं। लेकिन, मेट्रो की बुनियाद पर बसे ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो परियोजना को धरातल पर उतारना बाकी है। लिहाजा एक बार फिर क्षेत्रीय सांसद महेश शर्मा ने संसद में मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा 8 वर्ष से अधिक समय होने पर भी मेट्रो निर्माण की फाइल शहरी विकास मंत्रालय के पास लंबित है। हालांकि, नोएडा मेट्रो कॉर्पोरेशन (Noida Metro Corporation) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार अपने हिस्से का अंश केंद्र सरकार को सौंप चुकी है, लेकिन फाइल पर अभी तक सुनवाई नहीं की गई। सांसद ने कहा कि शहर में बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए मेट्रो कॉरिडोर का विकास होना जरूरी है। लिहाजा, त्वरित इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाए।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की लागत
नोएडा मेट्रो ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की संशोधित डीपीआर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई थी। करीब 17 किमी लंबे इस रूट पर 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस लाइन के बनने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को फायदा होगा। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 8 लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। शहर तक मेट्रो चलाने की बात कहकर शहर को बसाया गया था, लेकिन यह परियोजना अभी तक लंबित है। लिहाजा, काफी समय से लोग नोएडा मेट्रो को ग्रेटर नोएडा तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब जाकर रेल कॉर्पोरेशन ने इस पर काम शुरू करने का फैसला लिया है। पिछले दिनों केंद्र को ड्रॉफ्ट बनाकर भेजा गया था।
नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन रूट मैप
नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन अभी 29.7 किलोमीटर लंबी है। इस रूट पर 21 स्टेशन बनाए जाने हैं। अब इसे 17.435 किलोमीटर और आगे तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 11 नए स्टेशन निर्मित किए जाएंगे। इनमें बोटैनिकल गार्डन सेक्टर 44, नोएडा प्रशासनिक भवन सेक्टर 97, सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 93, पंचशील बालक इंटर कॉलेज और सेक्टर 142 शामिल हैं। सेक्टर 142 इस लाइन का आखिरी स्टेशन होगा।
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