Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी जगमगाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि, भव्य दीपोत्सव से अलौकिक हुआ बृजधामChandigarh : भाजपा अकेले चुनाव लड़े या सहयोगियों के साथ; ‘आप’ अपने विकास के रिकॉर्ड पर चुनाव लड़ेगी- बलतेज पन्नूChandigarh : पंजाब सरकार ने 6,507 कंप्यूटर शिक्षकों के महंगाई भत्ते में 40 प्रतिशत वृद्धि करके कर्मचारियों को दिया दिवाली का तोहफा- मुख्यमंत्रीMathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीGautam Buddh Nagar Polling Stations: जिले में 766 मतदान केंद्र और 1926 मतदेय स्थल निर्धारित, चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूचीBhangel Firecracker Fire: दिवाली से एक दिन पहले ठेली पर रखे ग्रीन पटाखों में लगी आग, दमकलकर्मियों ने तुरंत पाया काबूNoida Diwali Security: दीवाली पर 10 जोन और 26 सेक्टरों में पुलिस का पहरा, ड्रोन से निगरानी और 20 स्थानों पर दमकल तैनात

Noida Fake Call Center: सेंट्रल नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले 18 गिरफ्तार

Noida Fake Call Center: सेंट्रल नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले 18 गिरफ्तार

रिपोर्ट: अमर सैनी

सेंट्रल नोएडा की थाना फेस-3 पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये गिरोह गूगल ऐप के जरिए विदेशी नागरिकों का डेटा खरीदता था और फिर उन्हें फंसाने की योजना बनाता था। ठग पहले पीड़ितों के कंप्यूटर में वायरस भेजते थे और फिर उन्हें कॉल कर खुद को “माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट” का विशेषज्ञ बताकर कंप्यूटर ठीक करने का झांसा देते थे।

आरोपी एक्स लाइट और आईबीएम जैसे संचार ऐप्स के माध्यम से विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे और फिर उनके सिस्टम को टीम विवर और अल्ट्रा विवर जैसे रिमोट कंट्रोल सॉफ्टवेयर के जरिए एक्सेस कर लेते थे। एक बार कंप्यूटर पर नियंत्रण मिलते ही वे पीड़ितों को यह यकीन दिलाते कि उनका सिस्टम हैक हो गया है या गंभीर खतरे में है। इसके बाद ये साइबर अपराधी कंप्यूटर ठीक करने के नाम पर भुगतान की मांग करते थे और Zelle ऐप, क्रिप्टो करेंसी या अन्य डिजिटल माध्यमों से मोटी रकम वसूलते थे। जिन नागरिकों से ठगी की गई, वे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से थे।

पुलिस ने कॉल सेंटर से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम, फर्जी स्क्रिप्ट, सॉफ्टवेयर, डाटा बेस और ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए हैं। डीसीपी शक्ति अवस्थी ने कहा कि यह पूरी ठगी बहुत संगठित तरीके से की जा रही थी, और आरोपी हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल कर खुद को विदेशी टेक्निकल सपोर्ट प्रतिनिधि के रूप में पेश करते थे। उन्होंने बताया कि पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीमों की मदद से इस कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया गया।

फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उनके विदेशी नेटवर्क्स या अन्य राज्यों में और कौन-कौन से संपर्क हैं। डीसीपी ने कहा कि इस ऑपरेशन को आगे और विस्तार देते हुए साइबर ठगी के इस पूरे रैकेट को पूरी तरह नष्ट किया जाएगा।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें