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Noida: महिला वार्ड में गंदगी और अव्यवस्था पर बबीता चौहान ने जताई नाराजगी, जिला अस्पताल प्रबंधन को दिए सख्त निर्देश

Noida: महिला वार्ड में गंदगी और अव्यवस्था पर बबीता चौहान ने जताई नाराजगी, जिला अस्पताल प्रबंधन को दिए सख्त निर्देश
नोएडा। जिला अस्पताल के महिला वार्ड में गंदगी और अव्यवस्था का हाल देखकर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने सोमवार को कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अस्पताल प्रबंधन को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी महिला मरीज असुविधा का सामना न करे।

बबीता चौहान सबसे पहले महिला वार्ड में पहुंचीं, जहां उन्हें फर्श पर फैली गंदगी, बिखरे कूड़े और भीड़भाड़ का नजारा मिला। उन्होंने मौके पर अस्पताल प्रशासन से सवाल किया कि साफ-सफाई और व्यवस्था का स्तर इतना खराब क्यों है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, इसलिए प्रबंधन को और अधिक सतर्क रहना चाहिए ताकि भीड़ के बावजूद साफ-सुथरा वातावरण बना रहे।
उन्होंने तीमारदारों की अधिक भीड़ पर भी आपत्ति जताई और निर्देश दिया कि महिला वार्ड में केवल सीमित संख्या में परिजनों को ही प्रवेश दिया जाए। निरीक्षण के बाद उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अजय राणा के साथ बैठक की, जिसमें स्वच्छता, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक माहौल देना अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बबीता चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं, लेकिन बाहर से आने वाले मरीजों की अधिक भीड़ और सफाई में लापरवाही के कारण अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई को लेकर गंभीरता दिखाना जरूरी है, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के बाद सीएमएस डॉ. अजय राणा ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण के दौरान जो खामियां सामने आई हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और वार्डों में साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे।
अस्पताल प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि अब महिला वार्ड में प्रवेश के लिए तीमारदारों को पहचान पत्र (आई कार्ड) जारी किए जाएंगे। जिनके पास यह कार्ड होगा, वही वार्ड में प्रवेश कर सकेंगे। इससे भीड़ पर नियंत्रण रखने और मरीजों को आरामदायक माहौल देने में मदद मिलेगी।
सीएमएस ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और अन्य स्टाफ से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि निरीक्षण के समय वार्ड में गंदगी क्यों पाई गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सभी की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि सरकार और आयोग अस्पतालों की वास्तविक स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं। बबीता चौहान ने कहा कि महिला मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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