UP RERA Alert: सपनों का घर खरीदने से पहले करें पूरी जांच, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
UP RERA Alert: सपनों का घर खरीदने से पहले करें पूरी जांच, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
नोएडा। घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन जल्दबाजी और बिना जांच-पड़ताल के लिया गया फैसला जिंदगी की बड़ी परेशानी बन सकता है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने घर खरीदारों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण ने लोगों से कहा है कि केवल विज्ञापनों और बिल्डरों के वादों पर भरोसा न करें, बल्कि प्रोजेक्ट और बिल्डर की पूरी जानकारी जांचने के बाद ही निवेश करें।
यूपी रेरा के अनुसार प्रदेश में इस समय 4098 रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट हैं, जिनमें करीब आधे प्रोजेक्ट अभी निर्माणाधीन हैं। हर महीने 20 से ज्यादा नए प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं। ऐसे में फ्लैट, दुकान या प्लॉट खरीदने से पहले खरीदारों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्राधिकरण ने कहा कि बिल्डर और प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी यूपी रेरा की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा खरीदार हेल्पडेस्क नंबर 9151602229 और 9151642229 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।
यूपी रेरा ने सलाह दी है कि संपत्ति खरीदने से पहले जमीन के स्वामित्व और कानूनी वैधता की जांच जरूर करें। जिस जमीन पर प्रोजेक्ट बन रहा है, उस पर किसी तरह का विवाद, बकाया या कानूनी दावा नहीं होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट का नक्शा और ले-आउट संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत हो।
प्राधिकरण ने कहा कि खरीदार पोर्टल पर जाकर फ्लैट, दुकान या प्लॉट की जानकारी का मिलान करें। इससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। बिल्डर द्वारा खरीदारों से ली गई राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रोजेक्ट के कलेक्शन अकाउंट में जमा करना जरूरी होता है, ताकि उसी पैसे का इस्तेमाल निर्माण कार्य में हो सके। खरीदारों को इसकी भी जांच करनी चाहिए।
यूपी रेरा ने यह भी बताया कि बिल्डर को हर तीन महीने में प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करनी होती है। इसके अलावा खरीदार बिल्डर के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जानकारी भी वेबसाइट पर देख सकते हैं।
यूपी रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि घर खरीदते समय पूरी सावधानी बरतनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि खरीदारों को सिर्फ मौखिक आश्वासन और चमकदार विज्ञापनों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि सभी दस्तावेज और प्रोजेक्ट की स्थिति की सही तरीके से जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

