Territorial Army: टेरिटोरियल आर्मी बनी देश की मजबूत ताकत, सीमा सुरक्षा से लेकर आपदा राहत तक निभा रही अहम जिम्मेदारी

Territorial Army: टेरिटोरियल आर्मी बनी देश की मजबूत ताकत, सीमा सुरक्षा से लेकर आपदा राहत तक निभा रही अहम जिम्मेदारी
नई दिल्ली। टेरिटोरियल आर्मी आज केवल भारतीय सेना की सहायक शक्ति ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में टेरिटोरियल आर्मी को ‘नागरिक-सैनिक’ अवधारणा का सशक्त उदाहरण बताते हुए इसकी उपलब्धियों की सराहना की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 44,400 जवानों और 59 इकाइयों वाली टेरिटोरियल आर्मी आवश्यकता पड़ने पर भारतीय सेना को अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ यह बल विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी राहत और बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है।
टेरिटोरियल आर्मी ने केरल की विनाशकारी बाढ़, ओडिशा के चक्रवात और असम की बाढ़ जैसी कई बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संकट की घड़ी में इस बल की त्वरित तैनाती ने हजारों लोगों को सहायता पहुंचाने में मदद की।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी टेरिटोरियल आर्मी की इकोलॉजिकल टास्क फोर्स ने उल्लेखनीय कार्य किया है। अब तक यह फोर्स करीब 10 करोड़ पौधे लगा चुकी है, जिनमें 80 से 85 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति बल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रक्षा मंत्रालय का मानना है कि टेरिटोरियल आर्मी भविष्य में भी राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी और देश की सामरिक क्षमता को लगातार मजबूत करेगी।




