Krishna Nagar Water Supply: कृष्णा नगर विधानसभा में दूर होगी पानी की किल्लत, विधायक डॉ. अनिल गोयल ने किया वाटर प्लांट का निरीक्षण
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पानी की किल्लत को दूर करने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है। स्थानीय विधायक एवं डीडीसी चेयरमैन डॉ. अनिल गोयल ने गुरुवार को गीता कॉलोनी स्थित मुख्य अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR) वाटर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ मौके पर बैठक की और क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने, पुरानी पाइपलाइनों से हो रहे लीकेज को रोकने तथा भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अनिल गोयल के साथ यूजीआर प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशुतोष विश्वकर्मा, केएसई अल्बोट परियोजना से जुड़े अधिकारी और दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों से मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन नेटवर्क और क्षेत्र में पानी की मांग के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की समस्या के समाधान से जुड़ी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
डॉ. अनिल गोयल ने निरीक्षण के बाद बताया कि कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में नियमित और सुचारु जलापूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिदिन करीब 13 से 14 एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता है। मौजूदा समय में पानी की मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर होने के कारण विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों में पर्याप्त दबाव से पानी नहीं पहुंच पाता। इसका असर विशेष रूप से उन इलाकों पर पड़ता है, जहां पहले से जलापूर्ति का दबाव कम है।
विधायक के मुताबिक, क्षेत्र की पानी की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के उद्देश्य से तकनीकी अधिकारियों की पूरी टीम के साथ वाटर प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन तकनीकी समस्याओं और बाधाओं की पहचान करने पर जोर दिया गया, जिनके कारण उपलब्ध पानी का पूरा लाभ क्षेत्र के निवासियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा, जिससे पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ वितरण प्रणाली को भी बेहतर बनाया जा सके।
कृष्णा नगर की जलापूर्ति व्यवस्था में पुरानी पाइपलाइनें भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई हैं। डॉ. अनिल गोयल ने बताया कि कृष्णा नगर का मुख्य अंडरग्राउंड रिजर्वायर पाइपलाइन नेटवर्क सीधे भागीरथी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ा हुआ है। कई वर्षों पुरानी हो चुकी मुख्य पाइपलाइनें विभिन्न स्थानों पर कमजोर हो गई हैं। इसके कारण पानी का रिसाव होने के साथ सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इन जर्जर मुख्य पाइपलाइनों को बदलने का निर्णय लिया गया है और नई पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। परियोजना को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशुतोष विश्वकर्मा की देखरेख में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी लेने के साथ इसे निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया।
डॉ. गोयल ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए केवल अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी है। मुख्य स्रोत से मिलने वाला पानी पाइपलाइन में लीकेज के कारण बर्बाद न हो और अधिक से अधिक पानी लोगों के घरों तक पहुंचे, इसके लिए पुरानी और कमजोर पाइपलाइनों को बदलना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की ओर से बताया गया कि पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण पानी का एक हिस्सा जमीन के भीतर ही रिस जाता है। नई पाइपलाइनें बिछाए जाने के बाद करीब 10 से 15 प्रतिशत तक होने वाले पानी के लीकेज को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे उपलब्ध पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा और जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव भी कम होगा।
विधायक ने कहा कि लीकेज में कमी आने का सीधा लाभ उन क्षेत्रों को मिल सकता है, जहां फिलहाल कम दबाव से पानी पहुंचता है। पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत होने से पानी के दबाव में सुधार के साथ दूषित पानी की शिकायतों को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बदलने या अन्य निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी हो। जिन सड़कों या गलियों को पाइपलाइन के काम के लिए खोदा जाए, उनकी मरम्मत भी समय पर सुनिश्चित की जाए।
जलापूर्ति की मौजूदा व्यवस्था में सुधार के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई परियोजना पर भी विचार किया जा रहा है। डॉ. अनिल गोयल ने गीता कॉलोनी के 12 ब्लॉक में स्थित दिल्ली जल बोर्ड की खाली जमीन का निरीक्षण किया। इस स्थान पर पहले एक रेनवेल मौजूद था। अब इस जमीन का उपयोग एक नए जल प्रबंधन प्रोजेक्ट के लिए करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विधायक ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को खाली जमीन का जल्द तकनीकी सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे के आधार पर यह तय किया जाएगा कि यहां किस तरह की जल परियोजना विकसित की जा सकती है और उससे कृष्णा नगर तथा आसपास के क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में कितनी मदद मिल सकती है। योजना में वर्तमान मांग के साथ भविष्य में बढ़ने वाली आबादी और पानी की आवश्यकता को भी ध्यान में रखने पर जोर दिया गया है।
डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि कृष्णा नगर में पानी की समस्या का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जल स्रोत से लेकर पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था तक पूरे नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता है। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने, लीकेज रोकने और नई जल परियोजनाओं की संभावनाओं पर काम करके क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


