Ayurveda Innovation: आयुर्वेद में एआई और डिजिटल तकनीक की एंट्री, सीसीआरएएस ने शुरू की तीन बड़ी पहल

Ayurveda Innovation: आयुर्वेद में एआई और डिजिटल तकनीक की एंट्री, सीसीआरएएस ने शुरू की तीन बड़ी पहल
नई दिल्ली। आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और डिजिटल नवाचार के साथ जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने गुरुवार को सीसीआरएएस की 27वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में तीन महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य आयुर्वेदिक अनुसंधान को नई दिशा देना, युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करना और पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाना है।
बैठक के दौरान सीसीआरएएस-परंपरा प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा युवा शोधकर्ताओं की पहचान और उन्हें अवसर उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल राष्ट्रीय अनुसंधान मान्यता पोर्टल शुरू किया गया। साथ ही आयुर्वेदिक शब्दकोशों को एक मंच पर उपलब्ध कराने के लिए ‘अयूर डिक्ट’ ऐप भी लॉन्च किया गया।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुर्वेद का भविष्य तकनीक, अनुसंधान और नवाचार पर आधारित होगा। उन्होंने वैज्ञानिकों, युवा शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और उद्योग जगत से प्रयोगशालाओं में विकसित शोध को आम लोगों तक पहुंचाने और उसे बाजार से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग क्लीनिकल रिसर्च, डेटा प्रबंधन और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद को आधुनिक तकनीकी संसाधनों के साथ जोड़कर वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में उसकी भूमिका को और मजबूत करना है।




