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Digital Monitoring: नशा मुक्ति केंद्रों पर डिजिटल निगरानी सख्त, इलाज और पुनर्वास की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

Digital Monitoring: नशा मुक्ति केंद्रों पर डिजिटल निगरानी सख्त, इलाज और पुनर्वास की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

नई दिल्ली, 29 जुलाई। नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में उपचार की गुणवत्ता और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल निगरानी प्रणाली को मजबूत किया है। नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन के तहत नशा मुक्त भारत अभियान मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एनएमबीए-एमआईएस) के जरिए मरीजों के इलाज और पुनर्वास की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।

इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से मरीज के पंजीकरण से लेकर नशे की लत का आकलन, उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास तक की प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे उपचार व्यवस्था की निगरानी के साथ यह भी पता लगाया जा सकेगा कि मरीजों को निर्धारित सेवाएं और जरूरी सहायता समय पर मिल रही है या नहीं।

सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण के साथ औचक जांच की व्यवस्था भी लागू की है। निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे केंद्रों की वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद भी किया जा सकता है।

सरकार का उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को बेहतर उपचार, मनोवैज्ञानिक सहायता और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना है। डिजिटल निगरानी व्यवस्था के जरिए केंद्रों की जवाबदेही बढ़ाने और उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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