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Medical: बिना चीरा लगाए डॉक्टरों ने निकाला बच्चे के गले में फंसा नट-बोल्ट

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Medical: बिना चीरा लगाए डॉक्टरों ने निकाला बच्चे के गले में फंसा नट-बोल्ट

नोएडा। स्नातकोत्तर बाल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थान (चाइल्ड पीजीआई) के डॉक्टरों की तत्परता और सूझबूझ से डेढ़ साल के बच्चे की जान बच गई। खेलते समय मासूम ने लोहे का नट और बोल्ट निगल लिया था, जो उसकी खाने की नली में जाकर फंस गया। डॉक्टरों ने बिना कोई चीरा लगाए विशेष तकनीक के जरिए दोनों वस्तुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार बच्चा घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने अचानक धातु का नट और बोल्ट निगल लिया। घटना के बाद परिजन घबरा गए और बच्चे को तत्काल सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई लेकर पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार छोटे बच्चों की खाने की नली में ऐसी भारी या नुकीली वस्तु फंसने पर सांस रुकने, अंदरूनी चोट और गंभीर जटिलताओं का खतरा हो सकता है।

अस्पताल पहुंचने के बाद नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग की टीम ने बिना देरी किए बच्चे की जांच शुरू की। एक्स-रे और अन्य जांच में नट-बोल्ट खाने की नली में फंसे होने की पुष्टि हुई। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर सामान्य बेहोशी दी।

इसके बाद डॉक्टरों ने रिजिड ओसोफैगोस्कोपी तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में मुंह के रास्ते विशेष उपकरण और कैमरे की सहायता से खाने की नली के अंदर फंसी वस्तु को देखा गया और उसे बिना किसी बाहरी चीरे के सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।

सफल प्रक्रिया डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में पूरी हुई। वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. संध्या और डॉ. सिमरन ने भी उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय पर उपचार मिलने से बड़ी अनहोनी टल गई। सामान्य स्थिति में आने के बाद बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों की पहुंच से नट-बोल्ट, सिक्के, बटन बैटरी, पिन और खिलौनों के छोटे हिस्सों जैसी वस्तुओं को दूर रखें। ऐसी कोई वस्तु निगलने की आशंका होने पर घरेलू उपचार करने के बजाय तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।

 

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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