Haryana government jobs: परीक्षा एवं भर्ती की पवित्रता से कोई समझौता नहीं -नायब सिंह सैनी

Haryana government jobs: परीक्षा एवं भर्ती की पवित्रता से कोई समझौता नहीं -नायब सिंह सैनी
रिपोर्ट: कोमल रमोला
पंचकूला, 29 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में वर्षों से चली आ रही भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के, उनकी मेहनत, योग्यता तथा प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में न पर्ची चलेगी, न खर्ची चलेगी, केवल मेरिट के आधार पर ही भर्ती होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में प्रदेश के 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में 42,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 2 लाख युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप-डी के नव-चयनित कर्मचारियों के लिए आयोजित परिचयात्मक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बधाई व शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रुप-डी के नव-चयनित 6 कर्मचारियों को प्रतीक स्वरूप नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। उन्होने कहा कि ये नियुक्ति-पत्र आपकी मेहनत का सम्मान और आपके माता-पिता की तपस्या का परिणाम और ईमानदार व्यवस्था में आपके विश्वास की जीत है। उन्होने कहा कि वे मेहनत और प्रतिभा के बल पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले सभी 3 हजार 586 युवाओं को बधाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि एक समय था, जब हरियाणा में सरकारी नौकरी का नाम आते ही सामान्य परिवार चिंता में पड़ जाता था। नौकरियों पर कुछ परिवारों, कुछ क्षेत्रों और सत्ता से जुड़े कुछ लोगों का कथित अधिकार समझ लिया गया था। योग्यता पीछे रह जाती थी और पर्ची, खर्ची, परिवारवाद व क्षेत्रवाद का बोलबाला था। उस व्यवस्था ने केवल युवाओं से उनके अवसर नहीं छीने, बल्कि उनके माता-पिता का भरोसा तोड़ा और हरियाणा की प्रतिभा का अपमान किया। इसके विपरित हमने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि अब हरियाणा के किसी भी नौजवान का भविष्य किसी नेता की जेब में रखी पर्ची तय नहीं करेगी बल्कि उसका भविष्य उसकी मेहनत, उसकी योग्यता और उसकी प्रतिभा तय करेगी। आज सरकारी नौकरियां केवल एक क्षेत्र तक सीमीत नही है बल्कि प्रदेश के हर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप युवाओं का भरोसा सरकार पर और अधिक बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने नव चयनित कर्मचारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आप ग्रुप डी के कर्मचारी नहीं बल्कि गुड गवर्नेंस की डिलीवरी टीम हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी होना आजीविका के साथ लोकसेवा का दायित्व भी है। इसलिए आप कोई भी निर्णय लेते समय सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति के बारे में सोचें कि आपके निर्णय से उसके जीवन में क्या परिवर्तन आएगा। यह विचार केवल बड़े नीति-निर्माताओं के लिए नहीं अपितु प्रत्येक सरकारी कर्मचारी के लिए मार्गदर्शक मंत्र है। उन्होने उपस्थित सभी कर्मचारियों से यह संकल्प लेने का आहवाहन किया कि वे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को धैयपूवर्क सुनेंगे, उनका सम्मान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बार बार कार्यालय में न आना पडे। उन्होने कहा कि नियम जनता की सहायता के लिए है, उन्हें परेशान करने के लिए नही। उन्होने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जिस प्रकार आपने बिना पर्ची-बिना खर्ची के सेवा में प्रवेश किया है उसी प्रकार आप व्यवस्था को भी ईमानदार बनाए रखेंगे ।
उन्होने विपक्षी पाटिर्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज सब भली भांति परिचित है कि पहले की सरकारों में कैसे ठेकेदारों के हाथों युवाओं का शोषण होता था। हमने युवाओं के इस दर्द को समझा और उनको शोषण से बचाने के लिए न केवल निगम बनाया, बल्कि कानून बनाकर उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को विदेशों में शिक्षा व रोजगार दिलाने के लिए विदेश सहयोग विभाग बनाया गया है जिसके माध्यम से हरियाणा के 210 युवाओं को दुबई भेजा गया है। 390 युवाओं को दो चरणों में ईजराईल भेजा जा चुका है। इसी प्रकार युवाओं को जापान, ओमान, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होने कहा कि युवाओं को डंकी रूट से बचाने और अवैध एजेंटों के खेल को खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार के लिए परीक्षा और भर्ती की पवित्रता केवल प्रशासनिक विषय नहीं, युवाओं के भविष्य और विश्वास का प्रश्न है। नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मामले को दबाया नहीं, बल्कि इसकी व्यापक जांच करवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा-सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। लोक परीक्षा अधिनियम, 2026 के माध्यम से संगठित परीक्षा अपराध करने वालों के लिए 10 वर्ष तक की कैद और कम-से-कम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे कठोर प्रावधान किए जा रहे हैं। पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को शीघ्र कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संदेश एकदम साफ है, मेहनती विद्यार्थी की उत्तर-पुस्तिका पर किसी माफिया का पंजा स्वीकार नहीं किया जाएगा।





