Medical Innovation: दुनिया की पहली रोबोटिक AV वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी ‘सफदरजंग’ में संपन्न
नई दिल्ली, 2 अगस्त: राजधानी स्थित सफदरजंग अस्पताल ने हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपलब्धि हासिल करते हुए चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने दुनिया की पहली रोबोटिक सिस्टमिक एट्रियोवेंट्रिकुलर (एवी) वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कर भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
यह जटिल ऑपरेशन एक ऐसे वयस्क मरीज पर किया गया, जो कंजेनिटली करेक्टेड ट्रांसपोजिशन ऑफ ग्रेट आर्टरीज (CCTGA) और डेक्सट्रोकार्डिया जैसी दो अत्यंत दुर्लभ जन्मजात हृदय विकृतियों से पीड़ित था। इस तरह की स्थिति में मरीज का हृदय सामान्य स्थान के बजाय छाती के दाहिने हिस्से में स्थित होता है, जिससे सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई। सर्जरी का नेतृत्व सीटीवीएस विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुभव गुप्ता ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ किया। ऑपरेशन से पहले चिकित्सकों ने मरीज के हृदय का अत्याधुनिक सीटी स्कैन और 3-डी रिकंस्ट्रक्शन तैयार कर उसकी संरचना का गहन अध्ययन किया और उसी आधार पर पूरी सर्जरी की विस्तृत योजना बनाई।
मरीज के हृदय की असामान्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने पारंपरिक रोबोटिक तकनीक के बजाय पहली बार दाहिनी ओर की जगह बाईं ओर से रोबोटिक प्रणाली का उपयोग करते हुए एवी वाल्व को सफलतापूर्वक बदला। पूरी प्रक्रिया बिना सीने की हड्डी काटे केवल छोटे-छोटे छिद्रों के माध्यम से पूरी की गई, जिससे ऑपरेशन कम आक्रामक और अधिक सुरक्षित बना।
विशेषज्ञों के अनुसार इस अत्याधुनिक तकनीक से मरीज में रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया। साथ ही ऑपरेशन के बाद दर्द भी न्यूनतम रहा और मरीज की रिकवरी पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में कहीं अधिक तेज हुई। इससे अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम होने की संभावना रहती है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुनिया का पहला दर्ज रोबोटिक सिस्टमिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट मामला है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल साहित्य में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह सफलता भारतीय सरकारी अस्पतालों की विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक अपनाने की क्षमता और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का सशक्त प्रमाण मानी जा रही है।


