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Indian Armed Forces: भविष्य के युद्ध की रणनीति पर मंथन आज से

Indian Armed Forces: भविष्य के युद्ध की रणनीति पर मंथन आज से

नई दिल्ली, 2 अगस्त: बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तेजी से विकसित हो रही सैन्य तकनीकों के बीच भारतीय सशस्त्र बल भविष्य के युद्ध की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। इसी उद्देश्य से 3 अगस्त से नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चौथा त्रि-सेवा फ्यूचर वारफेयर कोर्स शुरू किया जाएगा।

चार सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों के साथ विभिन्न सरकारी संस्थानों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और रणनीतिक थिंक-टैंकों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों को समझना और संयुक्त रणनीति विकसित करना है।

मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एचक्यू-आईडीएस) के तत्वावधान में तथा सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज के समन्वय से आयोजित इस कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर वॉरफेयर, कॉग्निटिव वॉरफेयर, सूचना युद्ध, स्वायत्त हथियार प्रणाली, मल्टी-डोमेन ऑपरेशन और अंतरिक्ष आधारित युद्ध जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

विशेषज्ञ भविष्य के युद्ध में उभरती तकनीकों, डिजिटल सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभियानों और नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे ताकि भारतीय सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारियों को और सशक्त बना सकें।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग और भविष्य के युद्धक्षेत्र की जटिल चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को मजबूत करेंगे।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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