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NAMASTE Scheme: देश में मैनुअल स्कैवेंजर नहीं मिले: सरकार

NAMASTE Scheme: देश में मैनुअल स्कैवेंजर नहीं मिले: सरकार

नई दिल्ली, 2 अगस्त: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए दावा किया है कि मैनुअल स्कैवेंजर्स एवं उनके पुनर्वास अधिनियम-2013 के तहत देशभर में कराए गए नए सर्वेक्षण में एक भी मैनुअल स्कैवेंजर की पहचान नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि अब सफाई व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने सदन में बताया कि ‘नमस्ते’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत अब तक 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है। इस योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सरकार के अनुसार सत्यापित कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट), आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा उपकरण तथा मशीनों के माध्यम से सफाई कार्य करने के लिए पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा उन्हें कौशल विकास और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।

सरकार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई को पूरी तरह मशीन आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि किसी भी कर्मचारी को जान जोखिम में डालकर मैनुअल सफाई न करनी पड़े।

केंद्र सरकार का लक्ष्य खतरनाक मैनुअल सफाई की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना और सफाई कर्मियों को सम्मानजनक, सुरक्षित तथा आधुनिक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्यों और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर मशीनों के उपयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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