Sadbhavna Vriddhashram: सदभावना वृद्धाश्रम ने बेसहारा और निःसंतान बुजुर्गों के लिए निःशुल्क प्रवेश का किया आह्वान
नई दिल्ली। बेसहारा, निःसंतान, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों के लिए सदभावना वृद्धाश्रम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। दुनिया के सबसे बड़े निःशुल्क वृद्धाश्रमों में शामिल “विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर” सदभावना वृद्धाश्रम ने ऐसे बुजुर्गों के लिए निःशुल्क प्रवेश की घोषणा की है, जिन्हें जीवन में सहारे और विशेष देखभाल की आवश्यकता है।
राजकोट, गुजरात स्थित सदभावना वृद्धाश्रम के ट्रस्टी और पदाधिकारियों ने नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस पहल की जानकारी दी। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि वृद्धाश्रम में जरूरतमंद बुजुर्गों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया जाता है। यहां रहने वाले बुजुर्गों को आवास, भोजन और चिकित्सा जैसी सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
संस्था के अनुसार वर्तमान में सदभावना वृद्धाश्रम में 700 से अधिक बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे वरिष्ठ नागरिकों की है, जिन्हें लगातार देखभाल की आवश्यकता है। वृद्धाश्रम में बिस्तर पर पड़े बुजुर्गों, दिव्यांग नागरिकों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और असहाय वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
वृद्धाश्रम में कैंसर को छोड़कर अन्य गंभीर शारीरिक बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को भी प्रवेश दिया जा रहा है। इसके अलावा कोमा में पड़े बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों की देखभाल की व्यवस्था भी संस्था द्वारा की जा रही है। संस्था का उद्देश्य ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है, जिनके पास देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
सदभावना वृद्धाश्रम का विस्तार कार्य भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है। करीब 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस विशाल परिसर में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। करीब 20 लाख वर्गफुट निर्माण क्षेत्र में 1400 कमरों की व्यवस्था की जा रही है। सात टावरों वाले इस परिसर में लगभग 5000 बेसहारा, बीमार और बिस्तर पर पड़े बुजुर्गों के रहने की सुविधा उपलब्ध होगी।
संस्था ने जैन समुदाय के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। परिसर में एक अलग टावर और मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वरिष्ठ नागरिक अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े रह सकें।
वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं, फिजियोथेरेपी सेंटर, सत्संग हॉल, पुस्तकालय, गेम रूम, ऑडिटोरियम और विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार जैसा वातावरण और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
गुजरात में अपनी सेवाओं के बाद अब सदभावना वृद्धाश्रम ने दिल्ली और एनसीआर के लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बेसहारा, निःसंतान, बीमार या असहाय बुजुर्ग है, तो उसकी जानकारी संस्था को दी जाए। संस्था ऐसे जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन और देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदभावना वृद्धाश्रम ने लोगों से अपील की है कि समाज के ऐसे बुजुर्गों की मदद के लिए आगे आएं, जो अकेलेपन और असहाय स्थिति का सामना कर रहे हैं। अधिक जानकारी और सहायता के लिए संस्था की हेल्पलाइन संख्या 80002 88888 पर संपर्क किया जा सकता है।


