Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में किसान एकता संघ की बड़ी बैठक, आबादी निस्तारण नहीं हुआ तो सांसद-विधायक के आवास घेराव और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में किसान एकता संघ की बड़ी बैठक, आबादी निस्तारण नहीं हुआ तो सांसद-विधायक के आवास घेराव और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा के ऊंची दनकौर स्थित एक मंदिर परिसर में रविवार को किसान एकता संघ की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें यमुना प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़ी आबादी निस्तारण की लंबे समय से लंबित समस्या को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिली। बैठक में किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द आबादी निस्तारण का समाधान नहीं किया गया तो वे सांसद और विधायक के आवास का घेराव करेंगे और आगामी चुनावों में बहिष्कार का रास्ता अपनाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता नारायण सैनी ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष पप्पे नागर ने किया। बड़ी संख्या में किसान, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए और अपनी समस्याओं को एकजुट होकर उठाया।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोरन प्रधान ने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले गांवों में आबादी निस्तारण की समस्या वर्षों से लंबित है, लेकिन इसके बावजूद जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किसानों से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
सोरन प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आबादी निस्तारण की मांग को जल्द पूरा नहीं किया गया तो किसान मजबूर होकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसान अब सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
बैठक में ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद किया गया और फरवरी माह में यमुना प्राधिकरण पर एक विशाल किसान पंचायत आयोजित करने की घोषणा भी की गई। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में देशराज नागर, दुर्गेश शर्मा, श्रीकृष्ण बैंसला, राजसिंह ठेकेदार, सतवीर भाटी, जेपी नागर, जीतन नागर, जोरा भाटी, कृष्ण मास्टर, सुरेंद्र चपरगढ़, उम्मेद एडवोकेट, मनोज नागर सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।





