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Pandit Jasraj: पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ‘स्वर-सूर्य’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Pandit Jasraj: पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ‘स्वर-सूर्य’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़ 2 फरवरी– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित जसराज जी भारतीय शास्त्रीय संगीत के ऐसे ‘स्वर-सूर्य’ थे, जिनकी आभा ने न केवल देश बल्कि पूरे विश्व को आलोकित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को पद्म विभूषण, पद्मश्री एवं संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज जी की 96वीं जयंती के अवसर पर जिला फतेहाबाद के गांव पीली मंदौरी में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर पंडित जसराज जी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा शहीद स्मारक पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस समारोह में आने से पहले आज सुबह उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से हुई है और उन्हें इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने हरियाणा वासियों को राम-राम भेजी है और पंडित जसराज जी को श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस पावन मंच से पंडित जसराज जी जैसी महान विभूति को नमन करते हैं और उस पुण्य भूमि तथा उस पावन कोख को भी प्रणाम करते हैं, जिसने संसार को ऐसा अनमोल रत्न प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि पंडित जसराज जी की जयंती के साथ-साथ आज पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की चौथी वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इस फाउंडेशन की नींव वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी गई थी। यह संस्था पंडित जसराज जी की शास्त्रीय संगीत विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रशंसनीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने मधुरा जसराज, दुर्गा जसराज तथा फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों के समर्पण की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जसराज जी केवल एक महान कलाकार नहीं थे, बल्कि स्वयं में एक जीवंत संस्था थे। वर्ष 1930 में इसी गांव पीली मंदौरी के एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार में जन्मे पंडित जसराज जी ने अल्पायु में ही पिता का साया खो दिया, किंतु विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी साधना को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। अपने बड़े भाई पंडित मणिराम जी के सानिध्य में उन्होंने कठोर तपस्या की, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जसराज जी ने गांव पीली मंदौरी की मिट्टी की सुगंध को अपनी साधना और स्वर-तपस्या के माध्यम से सात समंदर पार तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी की साधना का ही परिणाम था कि हरियाणा के खेत-खलिहानों में जन्मे सुर अंटार्कटिका की बर्फीली ठंड तक भारतीय संगीत की ऊष्मा पहुंचाने में सफल रहे। वे सातों महाद्वीपों में अपनी गायकी का परचम लहराने वाले पहले भारतीय कलाकार बने, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सरस्वती पंडित जसराज जी के कंठ में विराजमान थीं। कठिन परिश्रम, अनुशासन और आजीवन साधना के बल पर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित कर दिया। विश्वभर में उन्होंने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा का प्रचार-प्रसार किया और अपने अतुलनीय योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत हुए।
हरियाणा की मिट्टी से उपजी अमर संगीत परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती स्वयं संगीत से ओत-प्रोत है। यहां किसान के पसीने, लोक मेलों की रौनक और युवाओं के कदमों में स्वाभाविक लय देखने को मिलती है। फाग, धमाल और राग-रागनियों की समृद्ध परंपरा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी जैसे तपस्वी कलाकारों के प्रभाव से ही प्रदेश में आसावरी, धनासरी, बिलावल और भैरवी जैसे रागों के नाम पर गांवों के नामकरण हुए हैं।
संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज अपनी संस्कृति को भुलाकर प्रगति नहीं कर सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार द्वारा पंडित लखमी चंद जी की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना, कुरुक्षेत्र में मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए सरकार द्वारा अनेक कार्य किए गए हैं। 28 जनवरी, 2023 को की गई घोषणाओं के अनुरूप गांव पीली मंदौरी में उनके नाम पर दो भव्य प्रवेश द्वार, पार्क एवं व्यायामशाला का निर्माण किया गया है। उनके पिता स्वर्गीय श्री मोती राम जी के नाम पर पुस्तकालय का निर्माण अंतिम चरण में है तथा गांव के तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रगति पर है।
नवोदित कलाकारों को मिल रहा है प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में आज कला, संस्कृति और साहित्य सृजन के लिए अनुकूल वातावरण है। कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। रोहतक स्थित पंडित लखमी चंद राजकीय प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय तथा कुरुक्षेत्र के मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में नवोदित कलाकारों को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान उसकी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा और साम्प्रदायिक सद्भाव है। यह सांझी विरासत सह-अस्तित्व और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संगीत और स्वर अमर हैं। पंडित जसराज जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, लेकिन जब तक सृष्टि में ‘ओम’ का नाद गूंजता रहेगा, उनके सुर सदैव जीवित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किया समाज और क्षेत्र का विकास: पूर्व विधायक दुड़ाराम
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्री दुड़ाराम ने कहा कि पंडित जसराज जी इस क्षेत्र का गौरव हैं। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। राज्य सरकार द्वारा ऐसे राज्य स्तरीय आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनहितकारी मांगें रखीं। क्षेत्र की सेमग्रस्त भूमि की समस्या के स्थायी समाधान करने, हिसार- घग्गर ड्रेन को मजबूत करने, भट्टू उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने तथा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में खेत-खलिहानों तक पहुंच के लिए रास्तों के निर्माण कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। उन्होंने पंडित जसराज जी की जयंती फतेहाबाद जिले में मनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
दुर्गा जसराज ने जताया सरकार का आभार
पंडित जसराज जी की पुत्री एवं पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी सुश्री दुर्गा जसराज ने मुख्यमंत्री, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन के माध्यम से उनके पिता की संगीत साधना और विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
अनूप जलोटा की संगीतमय प्रस्तुति से भावविभोर हुआ जनसमूह
समारोह के दौरान सुप्रसिद्ध भजन एवं शास्त्रीय गायक पद्मश्री अनूप जलोटा ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मधुर गायकी पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा और श्रोताओं ने देर तक उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री ने भट्टू व पीली मंदौरी के लिए विकास कार्यों की घोषणाएं कीं
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भट्टू मंडी में नई आईटीआई की स्थापना, गांव पीली मंदौरी में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी बिजली सब स्टेशन के निर्माण, 40 लाख रुपये की लागत से पशु चिकित्सालय भवन के पुनर्निर्माण तथा गांव पीली मंदौरी में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की चौपालों के निर्माण हेतु 11-11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भट्टू कला उप तहसील को तहसील का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि उसकी व्यावहारिकता का आकलन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी दुर्गा जसराज द्वारा रखी गई सभी उचित मांगों को पूरा करवाया जाएगा। उन्होंने पंडित जसराज जी के पिता स्वर्गीय श्री मोती राम जी के नाम पर निर्मित पुस्तकालय में सोलर सिस्टम स्थापित करने और विस्तारीकरण के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा एवं राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने भी पुस्तकालय में सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए 11-11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला, पूर्व मंत्री श्री देवेन्द्र सिंह बबली, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बड़खालसा, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन प्रो.रविंद्र बलियाला, कार्यक्रम के आयोजक ओपी मालिया उपस्थित रहे।

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