Operation Drishti: ‘ऑपरेशन दृष्टि’ से 200 से अधिक लोगों को मिलेगी नई रोशनी, रांची में चल रहा मेगा नेत्र सर्जरी अभियान
Operation Drishti: ‘ऑपरेशन दृष्टि’ से 200 से अधिक लोगों को मिलेगी नई रोशनी, रांची में चल रहा मेगा नेत्र सर्जरी अभियान
नई दिल्ली/रांची। दूरदराज और वंचित क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन दृष्टि’ के तहत एक महत्वपूर्ण मानवीय अभियान शुरू किया है। भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की संयुक्त विशेषज्ञ टीम झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल में मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप का संचालन कर रही है। इस विशेष अभियान के माध्यम से 200 से अधिक मरीजों को अत्याधुनिक और नि:शुल्क नेत्र उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
19 जून तक चलने वाले इस अभियान में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना से जुड़ी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच और सर्जरी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर उपचार मिलने से अनेक मरीजों की दृष्टि बचाई जा सकेगी और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस विशेष चिकित्सा शिविर का नेतृत्व नई दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए मरीजों का उपचार कर रही है। शिविर में पूर्व सैनिकों, सैन्य आश्रितों के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अभियान के दौरान मरीजों को अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नि:शुल्क प्रदान की जा रही हैं। इससे उन लोगों को विशेष लाभ मिल रहा है, जिन्हें आर्थिक या भौगोलिक कारणों से उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कहा कि ‘ऑपरेशन दृष्टि’ भारतीय सेना की मानवीय सोच और सामाजिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
इससे पहले भी ‘ऑपरेशन दृष्टि’ के तहत देश के कई दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सफल नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। लेह, लद्दाख, लक्षद्वीप, कच्छ और बागडोगरा जैसे क्षेत्रों में हजारों लोगों को इस पहल का लाभ मिला है। इन शिविरों के माध्यम से सशस्त्र बलों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई हैं, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भी जगाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच बढ़ने से दृष्टि संबंधी रोगों की समय रहते पहचान और उपचार संभव हो पा रहा है, जिससे अंधत्व की रोकथाम में भी मदद मिल रही है।





