NAMASTE Scheme: सफाईकर्मियों की सुरक्षा को मजबूती, 89,915 सीवर कर्मियों का सत्यापन

NAMASTE Scheme: सफाईकर्मियों की सुरक्षा को मजबूती, 89,915 सीवर कर्मियों का सत्यापन
नई दिल्ली, 27 जुलाई। केंद्र सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई को पूरी तरह मशीनी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत लागू नमस्ते (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना के माध्यम से सफाईकर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2023 से लागू इस योजना के तहत देशभर में अब तक 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है। इसके अलावा सफाईकर्मियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए 87,037 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट वितरित की गई हैं।
सरकार का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को जोखिम भरे और असुरक्षित परिस्थितियों से बचाना है। इसके लिए सफाई व्यवस्था को अधिक से अधिक मशीनी बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को सीधे सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरने की आवश्यकता कम से कम हो।
रामदास अठावले के अनुसार, NAMASTE योजना के तहत देशभर में 753 आपातकालीन स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन इकाइयों के माध्यम से आपात स्थिति में स्वच्छता कार्यों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
योजना के तहत सफाईकर्मियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इससे पात्र सफाईकर्मियों तक सुरक्षा उपकरण और अन्य सरकारी सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है। साथ ही, उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार का कहना है कि सफाईकर्मियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। मशीनीकृत सफाई व्यवस्था, आधुनिक सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन स्वच्छता इकाइयों के विस्तार के जरिए सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े जोखिमों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।





