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Health Alert: HPV टीका बना सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा कवच, समय पर टीकाकरण से मौत का खतरा लगभग खत्म

Health Alert: HPV टीका बना सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा कवच, समय पर टीकाकरण से मौत का खतरा लगभग खत्म

 

नई दिल्ली: महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से बचाव में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को सबसे प्रभावी सुरक्षा उपायों में से एक माना जा रहा है। ब्रिटेन में हुए एक नए शोध में सामने आया है कि एचपीवी टीका लगवाने वाली युवा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से मौत का खतरा लगभग शून्य के बराबर हो गया है। विशेषज्ञ इसे कैंसर की रोकथाम के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है, लेकिन यह उन चुनिंदा कैंसरों में से एक है जिसे समय पर टीकाकरण और नियमित जांच के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर एचपीवी वैक्सीन को महिलाओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बता रहे हैं।

एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य वायरस है, जो मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। ज्यादातर मामलों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इस संक्रमण को खुद खत्म कर देती है, लेकिन कुछ मामलों में यह वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रह सकता है और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण के शुरुआती चरण में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि कई बार संक्रमण का पता देर से चलता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण और नियमित स्क्रीनिंग बेहद जरूरी हो जाती है।

डॉक्टरों का कहना है कि एचपीवी वैक्सीन वायरस के उन खतरनाक प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण माने जाते हैं। भारत में भी यह वैक्सीन उपलब्ध है और किशोरियों के लिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिलाएं समय पर एचपीवी टीका लगवाएं और नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की जांच कराती रहें तो बड़ी संख्या में कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है और लाखों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।

एचपीवी क्या है?

एचपीवी 100 से अधिक प्रकार के वायरस का एक समूह है। यह मुख्य रूप से यौन संपर्क से फैलता है। अधिकांश मामलों में शरीर खुद संक्रमण से लड़कर इसे खत्म कर देता है, लेकिन इसके कुछ प्रकार कैंसर का कारण बन सकते हैं।

एचपीवी से होने वाले प्रमुख कैंसर

 

सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर

एनल (गुदा) कैंसर

पेनाइल (लिंग) कैंसर

वजाइनल (योनि) कैंसर

वल्वा कैंसर

सिर और गले के कुछ कैंसर

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के तीन प्रभावी तरीके

एचपीवी वैक्सीन समय पर लगवाना

सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना

महिलाओं द्वारा नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग करवाना

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। एचपीवी टीकाकरण को लेकर लोगों में जानकारी बढ़ाने और समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराने से आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सकती है।

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