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Noida Worker Health Initiative: श्रमिकों के लिए CSR फंड से लगेंगे मेडिकल कैंप, डीएम ने निजी अस्पतालों को दिए निर्देश

Noida Worker Health Initiative: श्रमिकों के लिए CSR फंड से लगेंगे मेडिकल कैंप, डीएम ने निजी अस्पतालों को दिए निर्देश

गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पताल संचालकों के साथ अहम बैठक कर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत मेडिकल कैंप और मोबाइल स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने की योजना को आगे बढ़ाया।

बैठक का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए समन्वित प्रयासों को मजबूत करना था। Government of Uttar Pradesh की योजनाओं के तहत श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं देने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने CSR फंड का उपयोग करते हुए नियमित मेडिकल कैंप आयोजित करें। खासतौर पर महिला श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच शामिल होगी।

इसके साथ ही श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मिनी ओपीडी, मोबाइल मेडिकल वैन और नेत्र जांच शिविर आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इन शिविरों में चश्मा वितरण और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के इलाज की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को मौके पर ही इलाज मिल सके।

जिलाधिकारी ने निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की आवश्यकता बताई और निजी अस्पतालों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार करें और प्रत्येक अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया गया कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और Government Institute of Medical Sciences में पर्याप्त डॉक्टर, दवाइयां और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। जहां भी कमी है, उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा Ayushman Bharat Yojana के तहत अधिक से अधिक अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की योजना बनाने को कहा गया, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता समेत कई वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से श्रमिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।

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