Crime News: नोएडा पुलिस ने शातिर चोर को दबोचा, 6 लैपटॉप-7 मोबाइल बरामद, PG और किराए के मकानों को बनाता था निशाना

Crime News: नोएडा पुलिस ने शातिर चोर को दबोचा, 6 लैपटॉप-7 मोबाइल बरामद, PG और किराए के मकानों को बनाता था निशाना
नोएडा पुलिस ने पीजी, किराए के मकानों और फ्लैटों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल, छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 12,500 रुपये नकद और एक अवैध चाकू बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी चोरी किए गए सामान को या तो राह चलते लोगों को बेहद कम कीमत पर बेच देता था या फिर कुरियर के माध्यम से तमिलनाडु भेज देता था। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-128 स्थित शाहपुर गांव निवासी विशाल आडभाई की शिकायत पर थाना सेक्टर-126 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कमरे का दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर चोर दो लैपटॉप चोरी कर ले गया। इसके अलावा उसके रूम पार्टनर और एक अन्य मित्र के दो लैपटॉप, आधार कार्ड तथा ड्राइविंग लाइसेंस भी चोरी कर लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर ग्राम गढ़ी शाहपुर के सामने पुश्ता रोड, सेक्टर-131 से आरोपी बालन गोविन्दन को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी का भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बालन गोविन्दन मूल रूप से तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले का रहने वाला है। वह काफी समय से नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय था तथा मोबाइल, लैपटॉप और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले किन-किन मामलों में शामिल रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि किसी भी वारदात से पहले वह कई दिनों तक पीजी, किराए के मकानों और फ्लैटों की रेकी करता था। वह ऐसे स्थानों को चुनता था जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी या लोग लापरवाही में कमरे और मकानों के दरवाजे खुले छोड़ देते थे। मौका मिलते ही वह चोरी कर वहां से फरार हो जाता था, जिससे लोगों को काफी देर बाद चोरी का पता चलता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा पुलिस की नजर से बचने के लिए वह कई बार रैपिडो और ओला जैसी ऐप आधारित बाइक सेवाओं का भी सहारा लेता था। इससे उसकी पहचान छिपी रहती थी और घटनास्थल तक पहुंचना तथा वहां से निकलना उसके लिए आसान हो जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल और लैपटॉप को राह चलते लोगों को कम कीमत पर बेच देता था। जो सामान तुरंत नहीं बिकता था, उसे पार्सल के जरिए तमिलनाडु भेज दिया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का सामान किन लोगों तक पहुंचता था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की जांच के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।




