Noida Farmers Crisis: बारिश-ओलावृष्टि से खराब गेहूं, सरकारी केंद्रों पर खरीद ठप

Noida Farmers Crisis: बारिश-ओलावृष्टि से खराब गेहूं, सरकारी केंद्रों पर खरीद ठप
नोएडा और आसपास के इलाकों में रबी सीजन के दौरान हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खराब मौसम के चलते गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को निराशा हाथ लग रही है।
बारिश और ओलों के कारण फसल खेतों में गिर गई, बालियां टूट गईं और नमी बढ़ने से गेहूं का रंग काला पड़ गया। यही वजह है कि खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता खराब बताकर किसानों के गेहूं को सरकारी दर पर खरीदने से इंकार किया जा रहा है।
मजबूर किसान अब अपना गेहूं व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचने को विवश हैं। जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है, वहीं किसानों को 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल पा रहे हैं। इस तरह उन्हें प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खटाना गांव के किसान देवेंद्र खटाना ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसल की खरीद के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी, तब तक अधिकतर किसान अपनी उपज सस्ते दामों में बेचने को मजबूर हो जाएंगे।
किसानों का कहना है कि सरकार को तुरंत खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की भी खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल, मौसम की मार और सिस्टम की उदासीनता के बीच किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।





