
New Delhi : जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 अप्रैल 2026 से देश के आठ राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में शुरू होगा। इस चरण में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम के साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र को शामिल किया गया है।
इन क्षेत्रों में स्व-गणना की 15 दिवसीय अवधि पूरी होने के बाद अब घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करने का कार्य शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 30 दिनों तक चलेगा और 15 मई 2026 तक पूरा किया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षित प्रगणक प्रत्येक घर तक पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।
इस बार जनगणना में स्व-गणना सुविधा को लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिला है। डिजिटल माध्यम से शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक करीब 12 लाख परिवार आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर चुके हैं। यह सुविधा लोगों को सुरक्षित और सरल तरीके से अपनी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए दी गई थी, जिसे व्यापक सराहना मिली है।
जिन लोगों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी स्व-गणना आईडी प्रगणक को उपलब्ध कराएं। वहीं, जिन्होंने यह विकल्प नहीं चुना है, उनके घर जाकर प्रगणक स्वयं जानकारी एकत्र करेंगे।
यह पहली बार है जब जनगणना का आयोजन डिजिटल साधनों के साथ किया जा रहा है, हालांकि पारंपरिक घर-घर गणना पद्धति भी जारी रहेगी। प्रगणक डेटा संग्रह के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज होगी।
मकानसूचीकरण चरण में 33 निर्धारित प्रश्नों के आधार पर आवास, परिवार, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। यह चरण भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।
अन्य राज्यों में भी इस प्रक्रिया का कार्यक्रम तय किया गया है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना सुविधा उपलब्ध रहेगी, जबकि मकानसूचीकरण कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। बिहार में स्व-गणना 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक और मकानसूचीकरण 2 मई से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकासात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। सभी निवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।





