Yuvraj Mehta Case: युवराज मेहता को बचाने के लिए पानी में उतरा डिलीवरी बॉय रंगदारी मामले में गिरफ्तार, भाई भी पुलिस हिरासत में
Yuvraj Mehta Case: युवराज मेहता को बचाने के लिए पानी में उतरा डिलीवरी बॉय रंगदारी मामले में गिरफ्तार, भाई भी पुलिस हिरासत में
नोएडा। सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने के प्रयास के बाद चर्चा में आए डिलीवरी बॉय मोनिंदर और उसके भाई नरेंद्र को नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रंगदारी वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों लंबे समय से क्षेत्र में रेस्तरां संचालकों, रेहड़ी-पटरी व्यापारियों और ढकेल लगाने वालों से अवैध वसूली कर रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गांव गढ़ी समस्तीपुर के निवासी हैं। बृहस्पतिवार को नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने सेक्टर-150 क्षेत्र से दोनों को गिरफ्तार किया। मामले में रंगदारी और धमकी से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि मोनिंदर और नरेंद्र स्थानीय कारोबारियों पर दबाव बनाकर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक की रकम वसूलते थे। आरोप है कि रंगदारी नहीं देने पर व्यापारियों को धमकाया जाता था और उनके कामकाज में बाधा डालने की चेतावनी दी जाती थी। पुलिस को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साक्ष्य एकत्र किए गए और आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2024 में नॉलेज पार्क थाने में उनके खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी दोनों के विरुद्ध दो अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ पूर्व में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रंगदारी वसूली के इस कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। पुलिस क्षेत्र के रेस्तरां संचालकों, दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से भी संपर्क कर रही है, ताकि संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके। गौरतलब है कि मोनिंदर हाल ही में उस समय चर्चा में आया था जब सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी में गिरने की घटना सामने आई थी। उस दौरान उसने दावा किया था कि वह युवराज को बचाने के लिए पानी में उतरा था। इस घटना के बाद उसका नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले की विस्तृत जांच कर रही है और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
