Truck Missing Case: रेलवे की सरकारी सामग्री लेकर लखनऊ जा रहा ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब, ठेकेदार ने दर्ज कराई प्राथमिकी
नोएडा। उत्तर रेलवे की सरकारी सामग्री लेकर गाजियाबाद से लखनऊ के लिए रवाना हुआ एक ट्रक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचने और चालक व ट्रांसपोर्टर से संपर्क न होने के बाद रेलवे के ठेकेदार ने बिसरख कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और ट्रक के साथ सरकारी सामग्री की तलाश की जा रही है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार गाजियाबाद स्थित उत्तर रेलवे के ईएमयू कार शेड से लखनऊ के चारबाग स्थित इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव वर्कशॉप तक रेलवे की सरकारी सामग्री पहुंचाने की जिम्मेदारी एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को दी गई थी। इसके लिए ट्रांस इंडिया कैरियर्स के माध्यम से ट्रक को भाड़े पर लिया गया था। संबंधित वाहन 19 मई को रेलवे का सामान लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुआ था। शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रक को निर्धारित समय के भीतर लखनऊ पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वाहन अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा। जब ट्रक की स्थिति जानने के लिए ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक से संपर्क किया गया तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। कई बार संपर्क करने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया गया। रविंद्र कुमार गुप्ता का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक रेलवे की सरकारी सामग्री सहित ट्रक लेकर फरार हो गए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि सरकारी सामान का गबन किया गया हो सकता है। इसके बाद उन्होंने बिसरख कोतवाली पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की। बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ट्रक, चालक, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक से संबंधित सभी जानकारियां जुटा रही है। साथ ही विभिन्न टोल प्लाजा, सीसीटीवी कैमरों और परिवहन रिकॉर्ड की मदद से ट्रक की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में सरकारी सामग्री के गबन या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ट्रक और उसमें लदी रेलवे की सामग्री की तलाश जारी है। यह मामला सरकारी सामान के परिवहन और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ट्रक रास्ते में कहीं रोका गया, चोरी हुआ या जानबूझकर गायब किया गया।


