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Ivory Smuggling: हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, बिसरख पुलिस और वन विभाग ने दो तस्करों को किया गिरफ्तार

Ivory Smuggling: हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, बिसरख पुलिस और वन विभाग ने दो तस्करों को किया गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में प्रतिबंधित वन्यजीव अंगों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिसरख पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हाथी दांत तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। संयुक्त अभियान के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से करीब 20 लाख रुपये मूल्य का प्रतिबंधित हाथी दांत बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलने के बाद थाना बिसरख पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास घेराबंदी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेन्द्र पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रिवाड़ा का निवासी है और वर्तमान में हरियाणा के बहादुरगढ़ क्षेत्र में रह रहा था। दूसरा आरोपी संदीप पुत्र हरीमंगल है, जो उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के ग्राम मुडियार का रहने वाला है और वर्तमान में गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में रह रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1450 ग्राम वजनी प्रतिबंधित हाथी दांत बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद हाथी दांत को कब्जे में लेकर सुरक्षित रखा गया है और उसे जांच के लिए संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा।

इस मामले में थाना बिसरख में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हाथी दांत कहां से लाया गया था, इसे किसे बेचा जाना था और इस अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर पूरे गिरोह की गतिविधियों, सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हैं या नहीं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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