Heat Wave Alert Delhi: आरएमएल अस्पताल की ‘हीट स्ट्रोक यूनिट’ अलर्ट, लू से बचाने के लिए जीवनरक्षक तैयारियां तेज

Heat Wave Alert Delhi: आरएमएल अस्पताल की ‘हीट स्ट्रोक यूनिट’ अलर्ट, लू से बचाने के लिए जीवनरक्षक तैयारियां तेज
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव के खतरे को देखते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने अपनी विशेष ‘हीट स्ट्रोक यूनिट’ को पूरी तरह अलर्ट मोड में सक्रिय कर दिया है। इस यूनिट का उद्देश्य लू से प्रभावित मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार देना है, ताकि गंभीर परिस्थितियों में भी जान बचाई जा सके।
यह समर्पित यूनिट आपातकालीन चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. अमलेंदु यादव के नेतृत्व में संचालित हो रही है। अस्पताल प्रशासन ने इस साल यूनिट की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है, जिससे मरीजों को तेजी से कूलिंग प्रोटोकॉल, लगातार मॉनिटरिंग और जीवनरक्षक इलाज उपलब्ध कराया जा सके। अस्पताल के निदेशक डॉ. श्याम सिंह के मार्गदर्शन में इसकी तैयारियों को और बेहतर किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार हीट स्ट्रोक एक बेहद गंभीर स्थिति है, जिसमें समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु दर 80% तक पहुंच सकती है। हालांकि यदि तुरंत उपचार मिल जाए तो यह खतरा घटकर करीब 10% तक रह जाता है। यही वजह है कि आरएमएल अस्पताल ने इस यूनिट को पूरी तरह तैयार रखते हुए हर स्थिति से निपटने की योजना बनाई है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में आरएमएल अस्पताल में करीब 75 मरीज हीट स्ट्रोक के साथ पहुंचे थे, जिनमें लगभग 27% मामलों में मौत दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि समय पर पहचान और तुरंत इलाज जीवन बचाने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं 2025 की गर्मियों में लगातार बारिश के कारण हीट स्ट्रोक के मामलों में कमी देखी गई थी।
डॉ. अमलेंदु यादव ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो सबसे पहले उसे ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं। शरीर पर ठंडा पानी डालें और यदि संभव हो तो बर्फ वाले पानी में बैठाना (आइस इमर्शन) सबसे प्रभावी उपाय है। इसके अलावा ठंडे पानी से नहलाना या शॉवर देना भी काफी लाभदायक साबित होता है।
अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि हीट वेव के लक्षण जैसे तेज बुखार, चक्कर आना, उलझन या बेहोशी दिखने पर तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू करें और मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुंचाएं। अस्पताल ले जाते समय भी शरीर को ठंडा रखने के उपाय लगातार जारी रखें, ताकि स्थिति गंभीर न हो।
बढ़ती गर्मी के बीच यह पहल राजधानी के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, जहां समय रहते इलाज और जागरूकता से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।





