GTB Hospital: 16.6 करोड़ रुपये से होगा जीटीबी अस्पताल का आधुनिकीकरण, इमरजेंसी सेवाएं होंगी हाईटेक, ट्रॉमा सेंटर का निर्माण तेज
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर काम शुरू हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने पुराने हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर के व्यापक आधुनिकीकरण की योजना को तेज गति से लागू करना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत वार्डों के नवीनीकरण, ऑपरेशन थिएटरों के आधुनिकीकरण, डेंटिस्ट्री ओपीडी, किचन, पुरानी लिफ्टों, खिड़कियों और फायर-चेक डोर सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों पर 16.6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहां जीटीबी अस्पताल के लिए छह अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 190 बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा 250 बेड वाले आधुनिक ट्रॉमा सेंटर का निर्माण भी तेजी से जारी है, जहां नौ हाईटेक ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे।
जीटीबी अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार का लक्ष्य अस्पताल को अत्याधुनिक टर्शियरी केयर सेंटर के रूप में विकसित करना है, ताकि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
अस्पताल के मौजूदा इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक के व्यापक नवीनीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। सर्जरी विभाग के वार्ड-21 का नवीनीकरण पूरा हो चुका है, जबकि नेत्र विभाग के वार्ड-15 का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके अलावा अस्पताल के विभिन्न वार्डों, डेंटिस्ट्री ओपीडी, किचन, पुरानी लिफ्टों, खिड़कियों, फायर-चेक डोर और ऑपरेशन थिएटर की एयर हैंडलिंग यूनिट के आधुनिकीकरण पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में मीडिया में प्रसारित उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें ऑपरेशन थिएटर की छत गिरने का दावा किया गया था। प्रशासन के अनुसार जिन तस्वीरों को छत गिरने की घटना बताया गया, वे वास्तव में पीडब्ल्यूडी द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर जर्जर और ढीले प्लास्टर को योजनाबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा थीं। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि यह कोई स्ट्रक्चरल फेलियर नहीं था और मरीजों की चिकित्सा सेवाएं बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
अस्पताल प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि इस प्रकार की खबरें प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि मरीजों और उनके परिजनों में अनावश्यक भ्रम और चिंता की स्थिति उत्पन्न न हो।



