Greater Noida West Metro: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को PIB प्रेजेंटेशन में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया, अब मंजूरी पत्र का इंतजार
Greater Noida West Metro: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को PIB प्रेजेंटेशन में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया, अब मंजूरी पत्र का इंतजार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बुधवार को केंद्र सरकार के स्तर पर पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के समक्ष परियोजना को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की गई। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के अधिकारियों के अनुसार यह प्रस्तुति सकारात्मक रही और बोर्ड के अधिकारियों ने परियोजना की उपयोगिता पर सहमति जताई। अब NMRC को औपचारिक मंजूरी पत्र मिलने का इंतजार है, जिसके बाद यह परियोजना अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजी जाएगी।
हाउसिंग एवं अर्बन अफेयर्स मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा करुणेश ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो विस्तार परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने मेट्रो रूट, अनुमानित लागत, भविष्य में यात्रियों की संख्या, क्षेत्र की आबादी और बढ़ती परिवहन जरूरतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तुति के दौरान बोर्ड के सदस्यों ने कई तकनीकी और वित्तीय बिंदुओं पर सवाल पूछे, जिनका संतोषजनक जवाब दिया गया।
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तेजी से बढ़ती आबादी और वहां सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में इस क्षेत्र की आबादी लगभग आठ लाख तक पहुंच चुकी है और आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में मेट्रो कनेक्टिविटी क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है।
NMRC के अधिकारियों ने बताया कि PIB की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब परियोजना औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरेगी। सबसे पहले बोर्ड की ओर से बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) और मंजूरी पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद फाइल विभिन्न केंद्रीय विभागों से होकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और अंततः केंद्रीय कैबिनेट के पास अंतिम स्वीकृति के लिए पहुंचेगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
NMRC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्रांति शेखर ने भी पुष्टि की कि PIB के सामने हुई प्रस्तुति सकारात्मक रही है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी पत्र जारी नहीं किया गया है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बैठक की कार्यवाही जारी होने के साथ आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
प्रस्तावित परियोजना के तहत एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्थित किसान चौक तक मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार किया जाएगा। लगभग 7.5 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कुल पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये बताई गई है। NMRC का अनुमान है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब दो लाख यात्री इस रूट पर सफर करेंगे। इससे न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन आसान होगा बल्कि सड़क यातायात का दबाव भी काफी कम होगा। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों से भी बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी पिछले कई वर्षों से मेट्रो सुविधा की मांग कर रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 150 से अधिक बड़ी आवासीय सोसायटियां हैं, जहां लाखों लोग रहते हैं। इसके अलावा आसपास के गांवों और विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों के लोगों को भी इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में अधिकांश लोग निजी वाहनों या बसों पर निर्भर हैं, जिससे रोजाना ट्रैफिक जाम और यात्रा में अधिक समय लगने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
यदि परियोजना को जल्द केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों का वर्षों पुराना मेट्रो का सपना साकार होने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा। इससे क्षेत्र में रियल एस्टेट, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।



