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Greater Noida Fire Incident: मिग्सन अल्टीमो सोसाइटी में एक हफ्ते में दूसरी बार लगी आग, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Greater Noida Fire Incident: मिग्सन अल्टीमो सोसाइटी में एक हफ्ते में दूसरी बार लगी आग, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमिक्रोन स्थित मिग्सन अल्टीमो सोसाइटी में एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे सोसाइटी की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद निवासियों में दहशत का माहौल है और उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

घटना बुधवार सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है, जब एक फ्लैट से अचानक धुआं निकलता हुआ देखा गया। धुआं बालकनी में बने एसी होल्स के जरिए बाहर आ रहा था। उस समय फ्लैट बंद था और वहां रहने वाले लोग बाहर गए हुए थे। जब स्थानीय निवासियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो बेडरूम में आग लगी हुई पाई गई और पूरे घर का सामान जलकर खाक हो गया।

स्थानीय निवासी सुशांत खंडेलवाल ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी और पूरे कमरे में धुआं भर गया था। लपटें इतनी तेज थीं कि पड़ोसियों को दरवाजा तोड़कर आग बुझाने का प्रयास करना पड़ा। स्थानीय लोगों की सूझबूझ से आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी का फायर अलार्म सिस्टम पूरी तरह से फेल रहा। यदि यह सिस्टम सही तरीके से काम करता, तो आग की सूचना समय पर मिल सकती थी और बड़ा हादसा टल सकता था। निवासियों ने यह भी दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब फायर सेफ्टी सिस्टम ने काम नहीं किया है, बल्कि पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

इसके अलावा निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि सोसाइटी के ओपन एरिया को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि यह जगह आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए खाली रहनी चाहिए। इसी कारण फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हुई और करीब एक घंटे तक वाहन को रास्ता साफ होने का इंतजार करना पड़ा।

फायर विभाग के अधिकारी एफएसओ जितेंद्र ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था। उन्होंने यह भी बताया कि इस सोसाइटी के खिलाफ पहले भी फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।

यह घटना एक बार फिर रिहायशी सोसाइटियों में सुरक्षा मानकों और फायर सिस्टम की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जहां लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

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