Medicine Payment Fraud: दवा खरीदने वाली फर्म पर 2.56 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

Medicine Payment Fraud: दवा खरीदने वाली फर्म पर 2.56 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
नोएडा के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र में दवा आपूर्ति से जुड़े करोड़ों रुपये के भुगतान विवाद का मामला सामने आया है। एक दवा सप्लाई करने वाली कंपनी ने दूसरी फर्म के मालिक समेत पांच लोगों पर 2 करोड़ 56 लाख 37 हजार 624 रुपये की बकाया राशि हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पूरे लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता रविंद्र चौधरी, जो सेक्टर-110 स्थित लोटस पनाचे के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी दवा उत्पादों की थोक विक्रेता है। उनकी फर्म ने मैसर्स आचार्य श्री सचिदानंद फार्मेसी को उनकी मांग के अनुसार बड़ी मात्रा में दवाओं की आपूर्ति की थी। दवाओं की आपूर्ति के बाद संबंधित फर्म पर कुल 2.56 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया हो गई।
शिकायत के अनुसार संबंधित फर्म के मालिक आकाश कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी करिश्मा गुप्ता, बजरंग लाल गुप्ता, संदीप गुप्ता और आकाश गुप्ता के ससुर विनोद ने कई बार बकाया राशि का भुगतान करने का आश्वासन दिया। भुगतान के लिए आरोपियों की ओर से कई चेक भी जारी किए गए, लेकिन जब शिकायतकर्ता ने उन्हें बैंक में जमा कराया तो सभी चेक बाउंस हो गए।
रविंद्र चौधरी का आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद उन्होंने कई बार आरोपियों से संपर्क कर भुगतान की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि आरोपी जानबूझकर कंपनी की करोड़ों रुपये की राशि हड़पने का प्रयास कर रहे हैं और भुगतान करने से बच रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार 23 जून को वह कुछ लोगों के साथ संबंधित फर्म के परिसर में पहुंचे और बकाया राशि की भरपाई के लिए कुछ माल अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों की फर्म को सील कर बकाया राशि दिलाने की मांग भी की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दवा आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज, बिल, भुगतान रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और चेक से संबंधित सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मामला केवल भुगतान विवाद का है या इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी या आपराधिक साजिश के तत्व भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





