Modi Putin Meeting 2025: मोदी–पुतिन बैठक, आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा साझेदारी को नई गति; 2030 तक 100 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य

Modi Putin Meeting 2025: मोदी–पुतिन बैठक, आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा साझेदारी को नई गति; 2030 तक 100 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त घोषणा जारी की, जिसमें भारत–रूस आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई गई। यह बैठक 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा थी और 2021 के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा थी। यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी पहली महत्वपूर्ण विदेश यात्रा मानी जा रही है, जो दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को दर्शाती है।
राष्ट्रपति पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा के तहत गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे, जहां उन्हें राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, सलामी गारद निरीक्षण, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ विस्तृत वार्ता में शामिल होना पड़ा। इसके बाद दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस वार्ता की।
बैठक का मुख्य एजेंडा व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, नई प्रौद्योगिकी, वैश्विक रणनीतिक संतुलन और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास रहा। दोनों देशों ने ज़ोर देकर कहा कि बदलते वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक माहौल में भारत–रूस साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
2030 तक 100 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य
बैठक के अंत में दोनों देशों ने “विजन 2030” रोडमैप जारी किया, जिसके तहत भारत और रूस ने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए 2030 तक विस्तृत आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति व्यक्त की गई है।”
राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि पिछले वर्ष व्यापार में 12% की वृद्धि दर्ज की गई और यह वर्तमान में लगभग 64 बिलियन डॉलर के स्तर पर है। उन्होंने कहा:
“हम इसे 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
मुक्त व्यापार समझौता और कनेक्टिविटी
रूस ने घोषणा की कि वह भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा। इस समझौते से औद्योगिक सहयोग, कृषि उत्पादों, उपभोक्ता वस्तुओं और फार्मा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों ने नए अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मार्ग, विशेषकर उत्तर–दक्षिण परिवहन गलियारे को मजबूत करने पर जोर दिया।
ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु सहयोग
ऊर्जा सहयोग बैठक का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। रूस ने भारत को ईंधन की निर्बाध सप्लाई जारी रखने का आश्वासन दिया, जबकि दोनों देश असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे। पुतिन ने कहा:
“सबसे बड़े भारतीय परमाणु संयंत्र में छह रिएक्टरों में से तीन पहले ही राष्ट्रीय ऊर्जा ग्रिड से जुड़ चुके हैं।”
रक्षा, अंतरिक्ष और उच्च प्रौद्योगिकी साझेदारी
दोनों नेताओं ने रक्षा आधुनिकीकरण, अंतरिक्ष अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जहाज निर्माण और रक्षा विनिर्माण में सहयोग को मजबूत करने और मेक इन इंडिया पहल के तहत संयुक्त उत्पादन का विस्तार करने पर सहमति जताई। चर्चा में आतंकवाद-रोधी अभियान भी प्रमुख विषय रहा, जिसमें हाल के बहुल आतंकवादी हमलों का संदर्भ लेते हुए दोनों देशों ने कहा कि वे कट्टरपंथ और आतंक के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
यूक्रेन–रूस संघर्ष पर मोदी का संदेश
यूक्रेन संघर्ष के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“भारत तटस्थ नहीं है, भारत शांति के पक्ष में है। समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से ही संभव है।”
पुतिन ने मोदी को रूस के शांति प्रस्तावों की जानकारी दी और शांतिपूर्ण समाधान की इच्छा जताई।
कुशल भारतीय कार्यबल के लिए अवसर
दोनों देशों ने कुशल और अर्ध–कुशल भारतीय श्रमिकों के रूस में रोजगार अवसर बढ़ाने के लिए एक समझौते की दिशा में सहमति बनाई, जिससे भारतीय प्रवासी नीतियों के विस्तार की उम्मीद है।
यह शिखर सम्मेलन न केवल रणनीतिक साझेदारी की मजबूती का संकेत देता है, बल्कि आने वाले दशक के लिए बहु-आयामी सहयोग की आकांक्षाओं को भी रेखांकित करता है। इसमें आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और वैश्विक शांति की दिशा में सामूहिक प्रयासों की स्पष्ट रूपरेखा दिखाई देती है।





