उत्तर प्रदेशराज्य

February 12 strike: कंसेंट ने 12 फरवरी की आम हड़ताल से किया अलग रहने का निर्णय, राजनीतिक प्रेरणा का आरोप

February 12 strike: कंसेंट ने 12 फरवरी की आम हड़ताल से किया अलग रहने का निर्णय, राजनीतिक प्रेरणा का आरोप

नई दिल्ली, 6 फरवरी: कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स (कंसेंट) ने 12 फरवरी को प्रस्तावित आम हड़ताल में शामिल न होने का निर्णय लिया है। कंसेंट के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. दीपक जायसवाल ने कहा कि यह आंदोलन श्रमिकों के वास्तविक हितों की बजाय राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित प्रतीत होता है, इसलिए महासंघ इससे स्वयं को अलग रखेगा।

डॉ. जायसवाल ने बताया कि कंसेंट देश के प्रगतिशील, स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक केंद्रीय श्रमिक संगठनों का सशक्त महासंघ है, जिसमें 16 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन संगठन और 3000 से अधिक संबद्ध संघटन शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंसेंट के सभी प्रमुख घटक संगठनों, जिनमें भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) भी शामिल है, ने सरकार द्वारा लाई गई चार नई श्रम संहिताओं का स्वागत किया है।

डॉ. जायसवाल ने बताया कि इन श्रम संहिताओं के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र और कार्यस्थल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण अधिकार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं के नियम तैयार हो चुके हैं और अधिसूचना जारी होने के बाद इनका लाभ जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

कंसेंट के नेता ने राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ श्रमिक संगठनों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समय के साथ बदलाव को स्वीकार करना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी प्रावधान से श्रमिकों को व्यावहारिक कठिनाई होती है, तो सरकार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि कंसेंट का फोकस केवल श्रमिकों के वास्तविक हितों और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित है, न कि राजनीतिक उद्देश्यों पर।

Himachal Pradesh: अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 202 पात्र आवेदकों को नए वर्ष का तोहफा, मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला

Related Articles

Back to top button
top online casinos in Canada best online casino Canada 2026 top rated online casinos Canada online casinos ranked Canada 2026 top 10 casino sites Canadian players