New Agra Master Plan: नया आगरा बसाने की तैयारी तेज, खामियों को दूर कर रहा यीडा — मास्टर प्लान समीक्षा के लिए भेजा

New Agra Master Plan: नया आगरा बसाने की तैयारी तेज, खामियों को दूर कर रहा यीडा — मास्टर प्लान समीक्षा के लिए भेजा
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) नए आगरा के विकास को लेकर तेज गति से काम कर रहा है। प्राधिकरण ने न्यू आगरा अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने से पहले उसे स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) दिल्ली को परीक्षण के लिए भेजा है, ताकि संभावित खामियों को दूर कर बेहतर, आधुनिक और संतुलित शहर का निर्माण किया जा सके।
यीडा फेज-2 क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए आगरा का मास्टर प्लान 9130.82 हेक्टेयर भूमि पर आधारित है। इस शहर को चंडीगढ़ मॉडल की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिसमें ‘सेवन वी रोड सिस्टम’ लागू किया जाएगा। इस रोड पैटर्न के तहत सात अलग-अलग प्रकार की सड़कें बनाई जाएंगी, जो वाहनों, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर व सुविधाजनक मार्ग प्रदान करेंगी। सभी सड़कों के किनारे ग्रीन बेल्ट का प्रावधान रखा गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा सके।
मास्टर प्लान में 2,501 हेक्टेयर क्षेत्र आवासीय विकास के लिए और 447 हेक्टेयर मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्र के लिए निर्धारित है। नए शहर की अनुमानित जनसंख्या 14.6 लाख होगी और यहां 8.5 लाख से अधिक रोजगार अवसर विकसित किए जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा व्यावसायिक, पर्यटन, औद्योगिक, संस्थागत और मनोरंजन क्षेत्रों के लिए भी पर्याप्त भूमि चिह्नित की गई है, जिससे यह एक पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर शहर बन सके।
नया आगरा ताज ट्रैपेजियम जोन (टीटीजेड) के भीतर आता है, जो लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ क्षेत्र है। इस जोन का उद्देश्य ताजमहल और उसके आसपास के ऐतिहासिक स्मारकों को प्रदूषण से सुरक्षित रखना है। इसलिए यहां केवल प्रदूषण-मुक्त औद्योगिक इकाइयों को ही भूमि आवंटन किया जाएगा, ताकि पर्यावरणीय संतुलन और विरासत संरक्षण दोनों सुनिश्चित हों।
यीडा अधिकारियों के अनुसार, एसपीए दिल्ली से परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अंतिम अनुमोदन और आगे की विकास प्रक्रियाएं तेजी से शुरू कर दी जाएंगी।
अधिकृत बयान
“नए आगरा के मास्टर प्लान को परीक्षण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
— शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी यीडा





