Cholesterol: हर 10 में 9 भारतीयों का कोलेस्ट्रॉल असामान्य, 30 की उम्र से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा

Cholesterol: हर 10 में 9 भारतीयों का कोलेस्ट्रॉल असामान्य, 30 की उम्र से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
नई दिल्ली, 20 जुलाई : भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय इंडियाबी अध्ययन ने देश में हृदय स्वास्थ्य को लेकर गंभीर तस्वीर पेश की है। अध्ययन के अनुसार भारत के हर 10 में से लगभग 9 वयस्क यानी 87.3 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार की असामान्य लिपिड या कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि यह खतरा 30 से 39 वर्ष की आयु के लोगों में सबसे ज्यादा पाया गया है।
देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 23,665 वयस्कों पर किए गए इस अध्ययन में सामने आया कि लगभग दो-तिहाई लोगों में ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ (एचडीएल) सामान्य स्तर से कम है। वहीं 49.4 प्रतिशत लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल), 29.5 प्रतिशत में ट्राइग्लिसराइड्स और 22.1 प्रतिशत में कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य से अधिक पाया गया।
अध्ययन के अनुसार महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिली। साथ ही शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से यह समस्या बढ़ रही है।
शोध के सह-लेखक डॉ. वी. मोहन के अनुसार भारतीयों में आनुवंशिक कारणों के साथ-साथ अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, जंक फूड, शारीरिक निष्क्रियता और बदलती जीवनशैली इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने से ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं और ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ कम होता है।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि देश में करीब 35.5 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनका ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और वजन सामान्य होने के बावजूद उनके रक्त में वसा का स्तर असामान्य है, जिससे भविष्य में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित लिपिड प्रोफाइल जांच, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और तंबाकू से दूरी अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।





