Fish Oil: क्या फिश ऑयल कैप्सूल सच में बचाते हैं हार्ट अटैक से? वैज्ञानिक अध्ययनों में सामने आई बड़ी सच्चाई

Fish Oil: क्या फिश ऑयल कैप्सूल सच में बचाते हैं हार्ट अटैक से? वैज्ञानिक अध्ययनों में सामने आई बड़ी सच्चाई

नई दिल्ली, 20 जुलाई : दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना फिश ऑयल या ओमेगा-3 कैप्सूल लेने वाले लोगों के लिए नई वैज्ञानिक जानकारी सामने आई है। कई बड़े अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया है कि सामान्य और स्वस्थ लोगों में बाजार में मिलने वाले ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) ओमेगा-3 सप्लीमेंट हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य हृदय रोगों के खतरे को कम करने में कोई ठोस लाभ नहीं पहुंचाते।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि मछली खाने वालों में हृदय रोग कम होते हैं। लेकिन बाद में हुए बड़े क्लीनिकल ट्रायल से स्पष्ट हुआ कि केवल फिश ऑयल कैप्सूल लेने से वही लाभ नहीं मिलता। इसकी वजह यह है कि मछली में ओमेगा-3 के अलावा प्रोटीन, विटामिन और कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो शरीर को संयुक्त रूप से फायदा पहुंचाते हैं।

शोध में यह भी सामने आया कि बाजार में उपलब्ध कई सप्लीमेंट में ओमेगा-3 की वास्तविक मात्रा लेबल पर लिखे दावे से कम होती है। कुछ उत्पाद ऑक्सीडेशन के कारण अपनी गुणवत्ता भी खो देते हैं, जिससे उनका प्रभाव कम हो जाता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि डॉक्टर की सलाह पर दिए जाने वाले प्रिस्क्रिप्शन स्ट्रेंथ ओमेगा-3 कुछ विशेष मरीजों, जैसे अत्यधिक ट्राइग्लिसराइड्स या हृदय रोग के उच्च जोखिम वाले लोगों में लाभकारी हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के मस्तिष्क और आंखों के विकास में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में एक-दो बार वसायुक्त मछली खाता है और उसका ट्राइग्लिसराइड स्तर सामान्य है, तो केवल दिल की सुरक्षा के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेना आवश्यक नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी ही स्वस्थ हृदय के लिए सबसे प्रभावी उपाय हैं।

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