BRICS Labour Meeting: ब्रिक्स देशों का बड़ा संकल्प, ‘कोई भी श्रमिक पीछे न छूटे’; भारत ने लॉन्च किया ‘ब्रिक्स कनेक्ट’
नई दिल्ली, 15 जुलाई। भारत की अध्यक्षता में हैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और भविष्य के रोजगार बाजार को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा-पत्र को मंजूरी दी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ती डिजिटल तकनीकों के दौर में प्रत्येक श्रमिक को समान अवसर, सुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सभी सदस्य देशों की साझा जिम्मेदारी है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक ऐसे समावेशी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त श्रम बाजार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां “कोई भी श्रमिक पीछे न छूटे”। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक और नवाचार का उपयोग करते हुए श्रमिकों को बेहतर रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
बैठक के दौरान भारत ने सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ पहल की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से ब्रिक्स देशों के बीच श्रम, रोजगार, कौशल और डिजिटल समाधान से जुड़े अनुभवों को साझा किया जाएगा, जिससे सदस्य देशों के श्रम बाजार को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाया जा सके।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के महानिदेशक ने भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे का अभूतपूर्व विस्तार करते हुए इसे 100 करोड़ लोगों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसे वैश्विक स्तर पर श्रमिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
बैठक में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने, युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने, गिग और प्लेटफॉर्म आधारित श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा डिजिटल तकनीक का बेहतर उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी व्यापक चर्चा हुई। सदस्य देशों ने इन सभी क्षेत्रों में साझा रणनीति तैयार करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
ब्रिक्स देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच श्रमिकों के हितों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार, कौशल उन्नयन और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल विकसित करने पर बल दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हैदराबाद में आयोजित यह बैठक वैश्विक श्रम बाजार की नई चुनौतियों से निपटने और श्रमिक-केंद्रित विकास मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भारत द्वारा शुरू की गई ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ पहल भविष्य में सदस्य देशों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


