Samadhan Portal 2.0: समाधान पोर्टल 2.0 से मजदूरों को मिलेगी बड़ी राहत, अब श्रम विवादों और शिकायतों का होगा ऑनलाइन निपटारा
नई दिल्ली। श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों के लिए श्रम संबंधी विवादों और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान, पारदर्शी और डिजिटल हो जाएगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने शुक्रवार को श्रमेव जयते भवन में समाधान पोर्टल 2.0 पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों को नए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि समाधान पोर्टल 2.0 के माध्यम से अब श्रमिक, कर्मचारी और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि औद्योगिक विवाद दर्ज कराने, नए श्रम संहिताओं के तहत विभिन्न दावे ऑनलाइन प्रस्तुत करने और अपनी शिकायतों की रियल-टाइम ट्रैकिंग करने में सक्षम होंगे। इससे श्रमिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी।
कार्यक्रम में इंटक (INTUC), एटक (AITUC), भारतीय मजदूर संघ (BMS), सीटू (CITU), एचएमएस (HMS) तथा एआईसीसीटीयू (AICCTU) सहित देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 30 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने पोर्टल के उपयोग, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड करने और शिकायत की स्थिति जानने की पूरी जानकारी विस्तार से दी।
प्रतिभागियों ने समाधान पोर्टल 2.0 की सरल प्रक्रिया और डिजिटल व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनका कहना था कि इससे श्रम विवादों के समाधान में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, समाधान पोर्टल 2.0 का उद्देश्य डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देना और श्रमिकों को त्वरित, पारदर्शी तथा नागरिक-केंद्रित शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध कराना है। यह प्लेटफॉर्म शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है, जिससे जवाबदेही और निगरानी भी मजबूत होगी।
मंत्रालय का कहना है कि नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। समाधान पोर्टल 2.0 इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच विवादों के समाधान को अधिक व्यवस्थित, सरल और प्रभावी बनाएगा।
