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Shahdara Railway Station Death Case: प्लेटफॉर्म पर युवक की मौत से उठे सवाल, 8 आरोपी गिरफ्तार, परिवार ने रेलवे पुलिस की भूमिका पर जताई नाराजगी

Shahdara Railway Station Death Case: प्लेटफॉर्म पर युवक की मौत से उठे सवाल, 8 आरोपी गिरफ्तार, परिवार ने रेलवे पुलिस की भूमिका पर जताई नाराजगी

रिपोर्ट: रवि डालमिया

राजधानी दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर हुई एक दर्दनाक घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुए विवाद और कथित मारपीट के बाद 34 वर्षीय पंकज धामा की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है और वे रेलवे पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 6 बजे शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते बहस ने झगड़े का रूप ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान 34 वर्षीय पंकज धामा के साथ कई युवकों ने मारपीट की। घटना के दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मारपीट के दौरान पंकज धामा प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घटना के बाद स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। इस बीच रेलवे पुलिस की भूमिका को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिवार का आरोप है कि मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस कर्मियों ने घायल पंकज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय देरी की, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई।

परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती तो पंकज की जान बचाई जा सकती थी। परिवार का दावा है कि रेलवे पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई नहीं की गई और अंततः स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने ही पंकज को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर कार्यरत थे और अपने परिवार के प्रमुख सहारे थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। घर में मातम का माहौल है और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए मारपीट में कथित रूप से शामिल आठ आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि विवाद किस कारण शुरू हुआ और मारपीट की नौबत क्यों आई।

पुलिस स्टेशन और रेलवे परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पंकज धामा की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।

 

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