
New Delhi : IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी अपनी सादगी, विनम्रता और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2026 के फ्रेशर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम में उनका यही अंदाज सभी के लिए प्रेरणा बन गया।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान प्रो. कामाकोटी मंच पर न बैठकर एक नए छात्र की तरह विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच जाकर बैठ गए। जब मंच से उनका नाम पुकारा गया तो उन्होंने वहीं बैठे-बैठे हाथ उठाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह दृश्य देखकर सभी छात्र और अभिभावक आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ भावुक भी हो गए।
नए विद्यार्थियों को प्रवेश के समय जो बैग, कैप और स्वागत किट दी गई थी, प्रो. कामाकोटी भी वही किट लेकर और वही बैग व कैप पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे। उनके इस व्यवहार ने यह संदेश दिया कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि विनम्रता, समानता और अपनेपन से पहचाना जाता है। उनकी यह सादगी और विद्यार्थियों को सहज रूप से प्रेरित करने की शैली हर नए छात्र के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।
प्रो. वी. कामाकोटी ने IIT मद्रास से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में एमएस और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने 2001 में IIT मद्रास के संकाय में कार्यभार संभाला और जनवरी 2022 में संस्थान के निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया।
वे कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और VLSI डिजाइन के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। वे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित IIT मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर विकास कार्यक्रम और सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम के प्रमुख हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं और भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्य बल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। IIT मद्रास में उन्होंने JEE के अध्यक्ष और औद्योगिक परामर्श एवं प्रायोजित अनुसंधान के एसोसिएट डीन के रूप में भी कार्य किया है।
डॉ. कामाकोटी को DRDO अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार, इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन टेक्नो विजनरी अवार्ड, ‘अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेशनल फेलोशिप’, ACCS लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, IBM फैकल्टी अवार्ड और वासविक औद्योगिक अनुसंधान पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।