
New Delhi : नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव 2.0 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों, वास्तु विशेषज्ञों, न्यूमेरोलॉजिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर ज्योतिष, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के महत्व पर विचार साझा किए गए। विशेषज्ञों ने आधुनिक जीवन में ज्योतिष और भारतीय ज्ञान परंपरा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भारतीय संस्कृति को समर्पित एक सफल आयोजन बताया।

इस अवसर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव 2.0 में आकर बहुत अच्छा लगा। भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ज्योतिष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. जया मदान ने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्राचीन भारतीय ज्ञान है। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और कर्म के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और जीवन को संतुलित एवं सफल बनाने में मार्गदर्शन देना है।
लाल किताब के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी ज्योतिषाचार्य जी. डी. वशिष्ठ ने कहा कि भारतीय ज्योतिष और लाल किताब का ज्ञान लोगों को जीवन की समस्याओं का सरल और प्रभावी समाधान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ग्रहों की अनुकूलता के साथ अच्छे कर्म और सकारात्मक सोच ही सफलता एवं सुखी जीवन का आधार हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाने का आह्वान किया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस तरह के आयोजन से भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष को बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य लोगों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन देकर जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से सनातन परंपराओं, भारतीय ज्ञान और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संस्कृति और अध्यात्म से जुड़कर ही समाज का समग्र विकास संभव है।
जेमलैब के प्रतिनिधि पुनीत माथुर ने कहा कि रत्न केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जेमलैब का कार्य हीरे, रंगीन रत्नों और आभूषणों की वैज्ञानिक जांच कर उनकी असली पहचान, गुणवत्ता और प्राकृतिक या कृत्रिम होने की पुष्टि करना है। उन्होंने लोगों से हमेशा प्रमाणित रत्न ही खरीदने और विश्वसनीय जेमलैब से उनकी जांच कराने की अपील की।
Adotrip के संस्थापक एवं CEO विकास कटोच ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को डिजिटल माध्यम से दुनिया तक पहुंचाना Adotrip का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव 2.0 जैसे आयोजन पर्यटन, संस्कृति, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं को जोड़कर नई पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
हेल्प यू फाउंडेशन के संस्थापक हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति, सेवा और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की सार्थक पहल बताया।
एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव के आयोजक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और फजले गुफरान ने कार्यक्रम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, ज्योतिषाचार्यों, प्रायोजकों, सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आगामी 22 अगस्त को लखनऊ में एस्ट्रो कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा, जिसमें हेल्प यू फाउंडेशन के हर्षवर्धन अग्रवाल प्रमुख भागीदार और सहयोगी रहेंगे।
कॉन्क्लेव में फादर ऑफ सिग्नेचर एस्ट्रोलॉजी विवेक कुमार त्रिपाठी, आचार्य सुबेश शर्मा, संदीप बजाज, इशिका तनेजा, ऋचा चोपड़ा, पंडित मेघ, पंडित संदीप शास्त्री सहित कई प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉक्टर सीमा मलिक और ब्यूटी एक्सपर्ट भारती तनेजा भी उपस्थित रहीं। कॉन्क्लेव की एनजीओ पार्टनर लेडी बॉस की संस्थापक नीतू जैन, संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. सुषमा वशिष्ठ और गोरखा सिक्योरिटी के संस्थापक राजकुमार का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन एंकर श्रीवर्धन त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग मुस्कान, एंकर एवं जर्नलिस्ट विकास कौशिक और एंकर हिमांशी सिंह ने किया।





