दिल्ली

Senior Citizens: 9.23 लाख बुजुर्गों को मिले 49.81 लाख सहायक उपकरण, एल्डरलाइन सेवा 32 राज्यों तक पहुंची

Senior Citizens: 9.23 लाख बुजुर्गों को मिले 49.81 लाख सहायक उपकरण, एल्डरलाइन सेवा 32 राज्यों तक पहुंची

देश के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार अपनी योजनाओं का दायरा बढ़ा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत अब तक 9.23 लाख से अधिक जरूरतमंद बुजुर्गों को 49.81 लाख सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं। इन उपकरणों का उद्देश्य उम्र संबंधी दिव्यांगता से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है।

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत जरूरतमंद बुजुर्गों को व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र, छड़ी, कृत्रिम दांत और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें दैनिक गतिविधियों में आसानी हो सके।

मंत्री ने बताया कि अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत 14567 एल्डरलाइन हेल्पलाइन देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय रूप से संचालित की जा रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को आपातकालीन सहायता, परामर्श, कानूनी सलाह और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

इसके अलावा सरकार द्वारा देशभर में 734 वृद्धाश्रमों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वहां रहने वाले बुजुर्गों को बेहतर आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

एसएजीई (SAGE) पहल के तहत अब तक 10 स्टार्टअप्स को कुल 9.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इन स्टार्टअप्स का उद्देश्य बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और दैनिक जीवन को बेहतर बनाने वाले नवाचार विकसित करना है।

सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि फिलहाल अलग से राष्ट्रीय सिल्वर पॉलिसी लाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि, मौजूदा योजनाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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