
Rohtak/New Delhi : दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में 23 जुलाई को सूर्य कवि दादा लख्मीचंद की 123वीं जयंती के उपलक्ष्य में साहित्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। डीएलसीसुपवा व हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में प्रदेशभर के 81 साहित्यकारों व विद्वानों को अलग-अलग 40 श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस साल दादा लख्मीचंद की जयंती को विशेष रूप से मनाने की तैयारी की है। जयंती के उपलक्ष्य में इस बार यूनिवर्सिटी परिसर में हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के साथ मिलकर साहित्यकार सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के साहित्यकारों को कला, साहित्य व संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद साहित्यकारों को सम्मानित करेंगे। साल 2014 में यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद पहली बार सूर्य कवि दादा लख्मीचंद की जयंती पर इतना बड़ा साहित्यिक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद नायब सिंह सैनी का भी यह डीएलसीसुपवा का पहला दौरा होगा। इसे देखते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में तैयारियां जोरों पर हैं।
अलग-अलग भाषाओं के साहित्यकार होंगे सम्मानित
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की साहित्यकार अभिनंदन योजना के तहत इस कार्यक्रम में साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। अलग-अलग साल के लिए विभिन्न श्रेणियों में हिंदी, हरियाणवी, संस्कृत, पंजाबी व उर्दू भाषा के साहित्यकार और विद्वान सीएम के हाथों सम्मान प्राप्त करेंगे। हिंदी व हरियाणवी भाषा में कुल 32 साहित्यकारों को साल 2021 और 2022 के लिए सम्मान दिया जाएगा। साल 2021 में 13 श्रेणियों में 19 साहित्यकार और साल 2022 में 11 श्रेणियों में 13 साहित्यकारों का चयन किया गया है। इन पुरस्कारों में आजीवन साहित्य साधना सम्मान, पंडित लख्मीचंद सम्मान, महाकवि सूरदास सम्मान, श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान, स्वामी विवेकानंद युवा लेखक सम्मान, विशेष साहित्य साधना सम्मान आदि प्रमुख हैं। संस्कृत भाषा में साल 2021 के लिए 11 विद्वानों को 11 श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इनमें हरियाणा संस्कृत गौरव सम्मान और संस्कृत साहित्यालंकार सम्मान प्रमुख हैं। पंजाबी भाषा में साल 2017 से 2022 तक के 31 साहित्यकारों को अलग-अलग नौ श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इनमें हरियाणा पंजाबी गौरव पुरस्कार, महाकवि भाई संतोख सिंह पुरस्कार सहित अन्य सम्मान शामिल हैं। इनमें साल 2017, 2019, 2020, 2021 व साल 2022 के लिए पांच-पांच और साल 2018 के लिए छह साहित्यकार पुरस्कृत होंगे। इसी तरह उर्दू भाषा में साल 2017 के लिए सात श्रेणियों में सात साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें फ़िराक़-ए-हरियाणा सम्मान व हाली सम्मान प्रमुख हैं।
यूनिवर्सिटी के लिए गौरवपूर्ण अवसर : डॉ. अमित आर्य
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि यूनिवर्सिटी का नाम सूर्य कवि दादा लख्मीचंद के नाम पर है, इसलिए उनकी जयंती को विशेष रूप से मनाना यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हरियाणा साहित्य व संस्कृति अकादमी द्वारा पंडित लख्मीचंद के नाम पर दिए जाने वाले सम्मान उसी यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदान किए जाएंगे, जो उनके नाम से स्थापित है। यह यूनिवर्सिटी परिवार के लिए अत्यंत भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहली बार यूनिवर्सिटी में आना भी इस आयोजन को विशेष बनाएगा।
दोपहर दो बजे केंद्रीय सभागार में होगा समारोह : गुंजन मलिक मनोचा
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार गुंजन मलिक मनोचा ने बताया कि साहित्य सम्मान समारोह 23 जुलाई को दोपहर 2 बजे यूनिवर्सिटी के केंद्रीय सभागार में आयोजित होगा। इस अवसर पर सूर्य कवि दादा लख्मीचंद के पड़पोते व डीएलसीसुपवा के पूर्व छात्र चेतन कौशिक और यूनिवर्सिटी के छात्र योगेश रागिनी प्रस्तुत कर उन्हें याद करेंगे। साहित्यकारों को अकादमी की तरफ से स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र व पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।





