Swachh Survekshan: स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले नोएडा की बड़ी तैयारी, गांवों तक पहुंचेगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था की समीक्षा में कई खामियां सामने आने के बाद अब पुरानी एजेंसी को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत शहर के साथ-साथ अधिक से अधिक गांवों तक भी नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधा पहुंचाई जाएगी।
प्राधिकरण ने इंटरनल सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट को आईआईटी से वेट कराने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नई एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके तहत कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या मौजूदा लगभग 300 से बढ़ाकर करीब 400 की जाएगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिदिन करीब 1700 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में नोएडा से प्रतिदिन लगभग 1000 मीट्रिक टन कचरा उठाया जाता है। अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त वाहनों और बेहतर मॉनिटरिंग से शहर में कूड़ा जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
प्राधिकरण ने यह भी तय किया है कि जिन गांवों में अब तक नियमित कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा था, वहां भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अधिक गाड़ियां उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी हर घर से नियमित रूप से कचरा उठाया जाएगा, जिससे खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या कम होगी और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत बनेगी।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) एस.पी. सिंह ने बताया कि मौजूदा एजेंसी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण इंटरनल सर्वे कराया गया है। रिपोर्ट का आईआईटी से परीक्षण कराया जा रहा है और उसके बाद नई एजेंसी का चयन कर शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में पारदर्शी, प्रभावी और बेहतर सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी।


