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Fire in Noida Building: नोएडा में 5 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग, 2 की मौत, स्कूटी चार्जिंग के दौरान धमाके से मची तबाही

Fire in Noida Building: नोएडा में 5 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग, 2 की मौत, स्कूटी चार्जिंग के दौरान धमाके से मची तबाही

नोएडा, 15 जुलाई। नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा इलाके में बुधवार सुबह एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सीढ़ियों की मदद से लगभग 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बेसमेंट में चार्ज हो रही एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में विस्फोट होने के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे बेसमेंट से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ ही क्षणों में धुआं और आग तेजी से पूरे बेसमेंट में फैल गई। वहां खड़ी अन्य इलेक्ट्रिक और पेट्रोल बाइकें भी आग की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते लगभग 30 से 40 दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए और आग पूरी इमारत में फैल गई। बेसमेंट से उठा घना धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे कई परिवार अपने फ्लैटों में फंस गए।

आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। निचली मंजिलों पर मौजूद लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल पर रहने वाले लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण दमकल विभाग की सात गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में फायर ब्रिगेड को मुख्य सड़क पर वाहन खड़े कर लंबी पाइपलाइन के जरिए आग बुझाने का अभियान चलाना पड़ा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकल कर्मियों ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। जिस इमारत में आग लगी थी, उसकी छत से सामने स्थित दूसरी इमारत तक सीढ़ियां लगाकर अस्थायी पुल बनाया गया। इसी रास्ते से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अभियान के दौरान कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

हादसे में 22 वर्षीय नेहा श्रीवास्तव की मौत हो गई। वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली थीं और नौकरी के सिलसिले में नोएडा में रह रही थीं। दूसरे मृतक युवक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। वहीं एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जिस इमारत में आग लगी, उसमें लगभग 50 कमरे थे और यहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग अपने परिवारों के साथ रहते थे। स्थानीय निवासी शुभम ने बताया कि सुबह जब उन्होंने धुआं उठते देखा तो तुरंत अपने दोस्तों को फोन किया, जो उसी बिल्डिंग में रहते थे। बातचीत में पता चला कि बेसमेंट में तीन-चार इलेक्ट्रिक स्कूटियां चार्जिंग पर लगी थीं। इनमें से एक की बैटरी में लीकेज के कारण विस्फोट हुआ, जिससे आग लग गई। पास में रखा पुराना फर्नीचर और लकड़ी का कबाड़ भी आग की चपेट में आ गया, जिससे लपटें तेजी से फैल गईं।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि आग लगने के बाद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी, लेकिन दमकल की गाड़ियां करीब एक से डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। उनका कहना था कि शुरुआती समय में स्थानीय लोगों ने ही सीढ़ियां लगाकर कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि आसपास के लोगों ने तत्काल मदद नहीं की होती तो जनहानि और अधिक हो सकती थी।

नोएडा सेंट्रल के डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिक स्कूटी की चार्जिंग के दौरान स्पार्किंग से आग लगने की बात सामने आई है। आग के बाद बेसमेंट में खड़े अन्य वाहनों ने भी आग पकड़ ली, जिससे पूरे भवन में धुआं भर गया। पुलिस और फायर विभाग ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

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