Noida Police: दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई, सरगना समेत दो बदमाशों पर मुकदमा दर्ज
Noida Police: दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई, सरगना समेत दो बदमाशों पर मुकदमा दर्ज
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय दोपहिया वाहन चोरी गिरोह के खिलाफ नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत दो बदमाशों पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों, संगठित अपराध में संलिप्तता और लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए यह कार्रवाई की है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-58 थाना पुलिस ने इसी वर्ष 17 जनवरी को एनआईबी चौकी क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनकी पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के मोतीपुर गांव निवासी अनुराग पांडेय और राजस्थान के अलवर जिले के निवासी देवदत्त शर्मा के रूप में हुई थी। गिरफ्तारी के समय अनुराग दिल्ली के न्यू अशोक नगर क्षेत्र में रह रहा था, जबकि देवदत्त शर्मा नोएडा के सेक्टर-55 में निवास कर रहा था।
पुलिस पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 15 दोपहिया वाहन बरामद किए गए थे। जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया था कि वे एक संगठित गिरोह बनाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वाहन चोरी और झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अब तक 100 से अधिक दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना अनुराग पांडेय है, जो लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अनुराग पांडेय के खिलाफ नोएडा और दिल्ली के विभिन्न थानों में लगभग 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं देवदत्त शर्मा के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में 12 मामले दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपी संगठित तरीके से अपराध कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे और इनके गिरोह की गतिविधियां लगातार कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई थीं। इसी आधार पर उनके खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
नोएडा पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, वाहन चोरी और झपटमारी जैसी घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ऐसे गिरोहों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।





